कोटद्वार में डीडीए के विरोध में प्रदेश सरकार का पुतला फूंकते कांग्रेसी पार्षद।
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नगर निगम में कांग्रेस से जुड़े और निर्दलीय पार्षदों ने जिला विकास प्राधिकरण (डीडीए)के विरोध में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इस मौके पर उन्होंने सरकार से जनहित में डीडीए को समाप्त करने की मांग की।
मंगलवार को कांग्रेसी पार्षद नगर निगम परिसर में एकत्र हुए, यहां से वे जिला विकास प्राधिकरण के विरोध में नारेबाजी करते हुए मालवीय उद्यान पहुंचे और प्रदेश सरकार के पुतले को आग के हवाले किया। इस मौके पर आयोजित सभा में पार्षदों ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकारें जनता का शोषण कर रही है। कहा कि चुनाव के दौरान भाजपा ने केंद्रीय विद्यालय, मेडिकल कालेज, कोटद्वार जिला निर्माण कराने का वादा किया था। क्षेत्र की जनता ने इन्हीं वायदों के आधार पर क्षेत्रीय विधायक को चुना। लेकिन, सत्ता में आते ही प्रदेश की भाजपा सरकार अपने वायदों से मुकर गई और जिला निर्माण के बजाय जबरदस्ती नगर निगम और जिला विकास प्राधिकरण थोप दिया। आरोप लगाते हुए कहा कि कॉमर्शियल और आवासीय भवनों के नक्शा पास कराने के नाम पर जिला विकास प्राधिकरण द्वारा जनता से 60 से 70 हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। साथ ही पूर्व में बनाए गए भवनों के स्वामियों को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं। इतना ही नहीं पूर्व में बने भवनों को बेचे जाने की स्थिति में भी नक्शा पास करवाया जा रहा है। इस मौके पर प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करते जनहित में डीडीए को समाप्त करने की मांग की गई।
पुतला दहन करने वालों में पार्षद अनिल रावत, नईम अहमद, अंजुम सभा, गिंदी दास, विपिन डोबरियाल, सोनिया नेगी, बंटी रावत, अमित राज सिंह, नरेश कोटनाला, अनिल बिंजोला, विजय ध्यानी, रितिक नेगी आदि मौजूद रहे।