मंदिर में होना था विवाह, दोनों पक्षों से वार्ता के बाद रोकी गई शादी
कोटद्वार। जिला बाल कल्याण समिति और पुलिस ने पोखड़ा ब्लॉक के एक गांव में बाल विवाह को एक दिन पहले ही लड़का व लड़की पक्ष से वार्ता कर रुकवा दिया।
जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्रा बिडालिया ने बताया कि चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 में दर्ज बाल विवाह का मामला जिला बाल कल्याण समिति पौड़ी के संज्ञान में लाया गया था। समिति के अध्यक्ष राकेश चंद्र बिडालिया ने थानाध्यक्ष लक्ष्मणझूला संतोष पैंथवाल, थाना रिखणीखाल के उपनिरीक्षक पंकज तिवारी, महिला कांस्टेबल चंदा व अन्य पीआरडी जवानों के साथ शनिवार को ही लड़का-लड़की पक्ष से संपर्क किया। उन्हें जानकारी मिली थी कि 10 मई, रविवार को गांव के एक मंदिर में बाल विवाह होगा।
जानकारी करने पर टीम को बताया गया कि लड़की पक्ष पोखड़ा से एवं लड़का पक्ष नैनीडांडा ब्लॉक के हैं। लड़की की उम्र 17 साल 10 महीने है और रविवार को एक दूरस्थ मंदिर में विवाह की तैयारी थी। टीम ने दोनों पक्षों को समझाया कि यह गैरकानूनी है जिस पर दोनों पक्ष लड़की के बालिग होने तक विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए। बाल विवाह रुकवाने में जिला बाल संरक्षण अधिकारी अरविंद कुमार, समिति के सदस्य कपिल रतूड़ी, सुनील भट्ट, डीसीपीयू की बाल संरक्षण अधिकारी प्रज्ञा नैथानी, चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक मोहित कुमार एवं पुलिस का सहयोग रहा।