अंतरमंडलीय स्थानांतरण के तहत कुमाऊं से गढ़वाल मंडल आए शिक्षकों ने वरिष्ठता समाप्त होने पर रोष जताया है। कहा कि इससे वरिष्ठतम शिक्षक दूसरे मंडल में जाने पर कनिष्ठतम से भी कनिष्ठ हो रहे हैं। शिक्षकों ने इसके विरुद्ध संघर्ष करने के लिए मंडल परिवर्तन शिक्षक मोर्चा का गठन किया है।
रविवार को यहां अंतरमंडलीय स्थानांतरित शिक्षकों की बैठक में कहा गया कि वर्तमान में राज्य में एलटी पदों पर चयन राज्य स्तर की मेरिट लिस्ट के आधार पर रहा है। इसके बावजूद अंतरमंडलीय स्थानांतरित शिक्षकों की वरिष्ठता दूसरे मंडल में शून्य हो रही है।
उन्होंने कहा कि अविभाजित उत्तर प्रदेश के दौर में यह व्यवस्था लागू थी। तब मंडल कैडर पर नियुक्तियां होती थी। उत्तराखंड बनने के बाद ऐसी परिस्थितियां नहीं हैं। इसलिए यह व्यवस्था समाप्त हो गई। वर्तमान सरकार पुन: इस व्यवस्था को लागू कर शिक्षकों को बांटने का काम कर रही है।
इस अवसर पर शिक्षकों ने मंडल परिवर्तन शिक्षक मोर्चा का गठन कर डा. शैलेंद्र मैठाणी को प्रदेश संयोजक बनाया है। जबकि रामकुमार थपलियाल संरक्षक, दुर्गेश शर्मा कोषाध्यक्ष और देंवेद्र बिष्ट आय-व्यय निरीक्षक चयनित किए गए। बैठक का संचालन जसपाल गुसाईं ने किया।