रिखणीखाल ब्लाक के अंतर्गत निर्माणाधीन दरखास्तीखाल-डिंड-डबराड मार्ग पर बने पुश्ते और सुरक्षा दीवार पहली ही बारिश में ढह गए। स्थिति यह है कि सड़क को पांच किमी तक बनना है लेकिन अभी तक सिर्फ ढाई किमी तक की ही कटिंग की गई है और लोग इस पर आवाजाही भी करने लगे हैं। अब मार्ग पर जगह-जगह बड़े बोल्डर आने से लोगों को पैदल आवाजाही की करनी पड़ रही है।
ग्राम प्रधान राकेश रावत और क्षेत्र पंचायत सदस्य तोल्यूडांडा लक्ष्मी रावत ने बताया कि दस दिन पूर्व हुई बारिश से निर्माणाधीन दरखास्तीखाल-डिंड-डबराड मार्ग के पुश्ते और सुरक्षा दीवार टूट गई। कार्यदायी संस्था लोनिवि लैंसडौन को कई बार सूचित करने पर भी विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। कहा कि विभाग की ओर से डिंड गांव तक लगभग ढाई किमी. रोड कटिंग की गई है। एक किमी. के बाद के कई पुश्ते और दीवार टूट चुकी है। गत पांच सालों में विभाग पांच किमी. रोड कटिंग नहीं कर पाया है, जिससे ग्रामीणों में कार्यदायी संस्था के खिलाफ रोष व्याप्त है। कहा कि सड़क के अभाव में डबराड, बुथानगर गांव के ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की दैनिक उपयोग की सामग्री कोटड़ीसैंण बाजार से सिर पर ढोने को मजबूर हैं। जीप टैक्सी चालक इस मार्ग पर चलने के लिए तैयार नहीं हैं। सड़क सुविधा के अभाव में लोग कोविड वैक्सीनेशन भी नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से मार्ग का निरीक्षण कर कोटड़ीसैंण, दरखास्तीखाल व डिंडा से डबराड तक जल्द मार्ग निर्माण की मांग की।
कोट
मार्ग से जल्द ही मलबा हटाकर आवाजाही सुचारु की जाएगी। क्षतिग्रस्त पुश्तों के निर्माण के लिए संबंधित ठेकेदार को निर्देशित किया जाएगा। - विवेक सेमवाल अधिशासी अभियंता, लोनिवि लैंसडौन।