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आंचल डेरी का चेक बाउंस, कनेक्शन कटा

Tue, 29 Mar 2016 07:35 PM IST
अमर उजाला/श्रीनगर।
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विवादों, कुप्रबंधन और कर्मचारियों की हड़ताल से खस्ताहाल चल रही आंचल डेरी (गढ़वाल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ) का अब बिजली कनेक्शन भी कट गया है। ऊर्जा निगम ने करीब 94 हजार रुपये का चेक बाउंस होने पर डेरी का कनेक्शन काट दिया। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों से उपार्जित कर लाया गया करीब 10 हजार लीटर दूध भी कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के चलते टैंकर में होने से उसके खराब होने के आसार पैदा हो गए है। टैंकर चालक नहीं होने से यह दूध दूसरे दुग्ध संघों में नहीं भेजा जा सका।
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डेरी के दोनों वेडिंग मशीन वाहनों (घर-घर जाकर दूध बेचने वाला वाहन) में भी दूध और दुग्ध उत्पाद रखा हुआ है। बिजली के अभाव में दुग्ध उत्पाद खराब हो सकते हैं। यहां बता दे कि प्रधान प्रबंधक को हटाने, वेतन भुगतान, राजकीयकरण समेत अन्य मांगों के लिए दुग्ध संघ कर्मचारी संगठन 28 मार्च से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर हैं। इससे दुग्धशाला और कार्यालय में काम ठप हो गया है। मंगलवार को दुग्धशाला में सिर्फ संविदा पर तैनात एकमात्र कर्मचारी मौजूद था।

मंगलवार तक डेरी में कोटद्वार और अन्य हिस्सों से 10 हजार लीटर से ऊपर दूध पहुंच चुका था। मालूम हो कि दुग्ध समितियों से उपार्जित दूध को ट्रांसपोर्टर डेरी तक पहुंचाते हैं। पाश्चुरीकरण और पैकिंग के बाद डेरी के वाहनों से दूध और दुग्ध उत्पाद विक्रय के लिए बाजार में जाते हैं। यह दूध टैंकर में है। मंगलवार दोपहर बाद तक ऊर्जा निगम ने डेरी का कनेक्शन भी काट दिया।
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संविदा वाहन चालक की सेवा होगी समाप्त
श्रीनगर। आंचल डेरी में संविदा पर तैनात वाहन चालक की सेवाएं प्रबंधन समाप्त करने जा रहा है। डेरी के प्रधान प्रबंधक जीएस मौर्य ने बताया कि संविदा कर्मचारियों को पूर्व में चेतावनी दी गई थी कि कार्य बहिष्कार करने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी गई थी। आदेश का उल्लंघन करने पर वाहन चालक की सेवा समाप्त की जा रही है। उन्होंने बताया कि अनुरोध पर चमोली दुग्ध संघ से एक वाहन चालक आया था। उसको आंदोलित कर्मचारियों ने भगा दिया।

ऐसे हुआ चेक बाउंस
श्रीनगर। 20 मार्च को दुग्ध संघ की प्रबंध समिति अध्यक्ष सतेश्वरी कैंथोला ने मौजूदा प्रधान प्रबंधक जीएस मौर्य को हटाने और सहायक लेखाधिकारी एमएस भट्ट को प्रभारी प्रधान प्रबंधक नियुक्त करने के आदेश दिए थे। अगले ही दिन डेरी विकास संघ के निदेशक ने अध्यक्ष का आदेश यह कहते हुए निरस्त कर दिया कि प्रधान प्रबंधक की नियुक्ति और हटाने का आदेश निदेशक को है। इसी बीच अध्यक्ष की ओर से नियुक्त किए गए प्रबंधक भट्ट ने डेरी के एक माह के विद्युत बिल का चेक काटकर ऊर्जा निगम में जमा करा दिया। वहीं मौर्य ने चेक पर नियम विरुद्ध हस्ताक्षर की बात कहते हुए निगम को पत्र भेजा। इससे यह चेक बाउंस हो गया।
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