आपातकाल की 51वीं बरसी पर भाजपा की ओर आयोजित की गई गोष्ठी
कोटद्वार। भाजपा की ओर से आपातकाल की 51वीं बरसी पर गोष्ठी आयोजित की गई। तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार की तानाशाही और दमनकारी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों का अभिनंदन किया गया।
बृहस्पतिवार को आयोजित गोष्ठी में भाजपा जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल ने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारतीय इतिहास में लोकतंत्र और संविधान की हत्या का काला दिन था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी सत्ता बचाने के लिए पूरे देश को आपातकाल की बेड़ियों में जकड़ दिया और नागरिकों के मौलिक अधिकार छीन लिए। आज का आयोजन उन वीर सेनानियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है जिन्होंने उस दौर में विभाजन जैसी विभीषिका और दमन को सहते हुए भी लोकतंत्र की लौ को जलाए रखा।
मेयर शैलेंद्र सिंह रावत ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए हमारे स्थानीय नेताओं ने महीनों तक जेलों में घोर यातनाएं झेली लेकिन तानाशाही के आगे घुटने नहीं टेके। इस दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए महीनों जेल में यातनाएं सहने वाले नरेंद्र गोयल, जनसंघ नेता व लोकतंत्र सेनानी दिवंगत नरेंद्र उनियाल के भाई नागेंद्र उनियाल, लोकतंत्र सेनानी दिवंगत रामचंद्र वर्मा के पुत्र कैलाश वर्मा एवं दिवंगत बृजमोहन गोयल के पुत्र राकेश गोयल का अभिनंदन किया गया।
गोष्ठी में भाजपा नेता उमेश त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष हरि सिंह पुंडीर, विजया नंद पोखरियाल, नगर अध्यक्ष विकासदीप मित्तल, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष सरदार गुरबचन सिंह, महिला मोर्चा अध्यक्ष शशिबाला केष्टवाल, पार्षद रजनीश बेबनी आदि उपस्थित रहे। संचालन जिला महामंत्री सुरेंद्र आर्य ने किया।