कोटद्वार। दुगड्डा ब्लॉक के अंतर्गत जल संस्थान की बिंंदलगांव पंपिंग पेयजल योजना सुचारु रूप से कार्य न करने के कारण योजना से आच्छादित आठ गांवों में दो सप्ताह से पेयजल संकट बना हुआ है। स्थिति यह है कि ग्रामीण डेढ़ से दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हैं। क्षेत्रवासियों ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से पेयजल योजना की मरम्मत कराकर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कमल डबराल, जयकृत राणा, सुमन सिंह रावत, अवधेश सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह और दुर्योधन सिंह आदि ने कहा कि दुगड्डा ब्लॉक के खोलकंडी, मंदिर गांव, बिंदल गांव, टकोला, धूराधनाई, नाथूखाल, उड्डा, पठोर अकरा और नालीखाल में पेयजल संकट देखते हुए 15 साल पहले बिंदलगांव पंपिंग पेयजल योजना बनाई गई। पेयजल योजना बनने के बाद से ग्रामीणों को सुचारु रूप से पेयजल की आपूर्ति हो रही थी। कहा कि दो सप्ताह से पेयजल योजना के पंप सुचारु रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं। जिससे क्षेत्र के करीब 300 परिवारों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि लोगों को डेढ़ से दो किमी दूर प्राकृतिक स्रोतों और स्थानीय गदेरों से सिर पर ढोते हुए पीने और घरेलू जरूरत का पानी जुटाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता से पेयजल योजना की जल्द मरम्मत कराकर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
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पंप ठीक से काम नहीं करने के कारण योजना से आच्छादित गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। दो नए पंप लगाए जा रहे हैं। जल्द ही प्रभावित गांवों में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से कर दी जाएगी।
-विमल गुसाईं, जेई जल संस्थान कोटद्वार