दुगड्डा/कोटद्वार। कोटद्वार और दुगड्डा के बीच पौड़ी नेशनल हाईवे बरसात से खस्ताहाल है। स्थिति यह है कि भूस्खलन से जहां कई जगहों पर सड़क बदहाल हो गई हैं, वहीं पांचवें मील ढाबे के पास सड़क धंसने से आवाजाही प्रभावित हो रही है। लोग जान जोखिम में डालकर हाईवे पर आवाजाही करने को मजबूर हैं। लोगों ने एनएच प्रशासन से खस्ताहाल हाईवे की मरम्मत कराने की मांग की है।पौड़ी नेशनल हाईवे को पिछली और इस साल की बरसात से काफी नुकसान हुआ है। दुर्गादेवी के पास जहां बरसात में लगातार मलबा आने से आवाजाही प्रभावित रही। वहीं आमसौड़ और दुर्गादेवी के बीच कई जगह क्रैश बैरियर और पुश्ते भी क्षतिग्रस्त पड़े हुए हैं। वहीं पांचवें मील में वन विभाग की नर्सरी और ढाबे के पास बरसात में भू-धसांव होने से आवाजाही प्रभावित हो रही है। यहां सड़क तंग होने से दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। टूट गदेरा रपटा, सातवें किमी के मोड़ पर भी दो सुरक्षा दीवारें क्षतिग्रस्त पड़ी हुई हैं। एनएच पर कोटद्वार और दुगड्डा के बीच 35 छोटे और बड़े डेंजर जोन हैं। विभाग की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
हाईवे पर प्रतिदिन रसद सामग्री के वाहनों, यात्री वाहनों, निजी वाहनों और रोगियों के वाहनों की आवाजाही रहती है। वहीं, क्षमता से अधिक भार ढोने वाले भारी वाहनों की आवाजाही से हाईवे पर खतरा अधिक बना हुआ है। क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रमोहन जुयाल, दुर्गा सिंह, बृजमोहन सिंह, रघुनाथ सिंह आदि ने कहा कि बरसात से एनएच खस्ताहाल है। उन्होंने एनएच प्रशासन से हाईवे की मरम्मत कराने की मांग की है।
बरसात से क्षतिग्रस्त पुश्ते, स्क्रपर, क्रैश बैरियर की मरम्मत और बरसात में तैनात जेसीबी और पोकलेन मशीनों के किराए के भुगतान के लिए स्पेशल रिपेयर (एसआर) में करीब 10 करोड़ के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। बजट मिलने पर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत का काम शुरू करा दिया जाएगा।
- आशीष कुमार सैनी, जेई एनएच खंड लोनिवि धुमाकोट