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बेस अस्पताल कोटद्वार : चिकित्सीय अवकाश पर गईं अस्थायी निश्चेतक

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कोटद्वार। राजकीय बेस अस्पताल एक बार फिर से निश्चेतक विहीन हो गया। स्वास्थ्य निदेशालय ने इस बार मेडिकल कॉलेज से निश्चेतक की वैकल्पिक व्यवस्था जुटाई थी, लेकिन निश्चेतक के चिकित्सीय अवकाश पर चले जाने से कोटद्वार अस्पताल में ऑपरेशन फिर ठप हो गए। प्रभारी सीएमएस ने स्थिति से स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत करा दिया है।

कोटद्वार स्थित बेस अस्पताल के निश्चेतक डाॅ. एसडी आर्य 30 जून को सेवानिवृत्त हो गए थे। उसके बाद से अस्पताल में स्थायी निश्चेतक की तैनाती अब तक नहीं हो सकी है। निश्चेतक की वैकल्पिक व्यवस्था कर ऑपरेशन किए जा रहे हैं। समय पर निश्चेतक उपलब्ध नहीं होने पर तीमारदारों को मरीज को लेकर या तो निजी अस्पतालों में या फिर ऋषिकेश, देहरादून आदि क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में भटकना पड़ रहा है। निश्चेतक की वैकल्पिक व्यवस्था के तीसरे चरण में इस बार आठ अक्तूबर से छह दिसंबर तक यानी करीब दो महीने के लिए मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से छह निश्चेतकों और उनके छह सहायकों की 10-10 दिन के रोस्टर के साथ अस्थायी तैनाती की गई थी।
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आठ से 17 अक्तूबर तक निश्चेतक डॉ. मोहित कुमार ने बेस अस्पताल में ऑपरेशन कराए। उनके बाद 18 से 27 अक्तूबर तक मेडिकल कॉलेज की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वंदना शर्मा एवं रेजिडेंट चिकित्सक डॉ. शिवानी को निश्चेतक की जिम्मेदारी संभालनी थी, लेकिन वे शनिवार को भी अस्पताल नहीं पहुंचे। जिससे पेट, नाक-काल-गला, आंख, हड्डी आदि के ऑपरेशन के अलावा गर्भवती महिलाओं के भी सीजर ऑपरेशन नहीं हो पा रहे।
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रोस्टर के अनुसार डॉ. वंदना शर्मा एवं डाॅ. शिवानी को पहुंचना था, लेकिन उनके चिकित्सीय अवकाश पर होने के कारण वे अस्पताल नहीं पहुंचे। स्थिति से स्वास्थ्य निदेशालय को अवगत करा दिया गया है।



- डॉ. डीके सिंह, प्रभारी सीएमएस, बेस अस्पताल कोटद्वार
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