राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध बेस अस्पताल में आवश्यक औषधियों और परीक्षण किट की कमी दूर नहीं हो रही है। इसके चलते मरीज और उनके तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कई बार लोगों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों ने इस स्थिति पर रोष प्रकट किया है। उनका कहना है कि सक्षम आदमी निजी मेडिकल स्टोर और प्रयोगशालाओं से परीक्षण करवा लेगा, लेकिन गरीब कहां जाएगा।
बेस अस्पताल में उपचार हेतु पहुंच रहे मरीज रोज किसी न किसी वजह से परेशान हो रहे हैं। रविवार को ग्राम प्रधान श्रीकोट गंगानाली राजेश्वरी रावत ने अस्पताल में एक मरीज को भर्ती कराया। चिकित्सकों ने मरीज के माइक्रो बायोलॉजी परीक्षण कराने की सलाह दी। मरीज के रक्त के नमूने लेकर माइक्रो बायोलॉजी लैब में जमा करा दिए गए। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ने सोमवार को रिपोर्ट लेने की बात कही, लेकिन जब वह सोमवार को गई, तो बताया गया कि किट खत्म हो गई और परीक्षण बाहर से करवाना होगा।
इससे नाराज ग्राम प्रधान ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन के समक्ष रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि जब किट नहीं थी, तो उन्हें समय पर क्यों नहीं बताया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओर से विभागों को समय पर सामग्री नहीं दी जाती। जितना विभाग मांग करते हैं, उससे कम सामग्री दी जाती है। इससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है। जिला पंचायत सदस्य प्रकाश बुटोला ने कहा कि यदि एक हफ्ते के अंदर व्यवस्थाओं में सुधार न हुआ, तो ग्रामीण धरना देंगे।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सामग्री दे दी गई है। दवाओं की किल्लत निदेशालय स्तर से ही है।
डा. एमएस जैन
चिकित्सा अधीक्षक, बेस अस्पताल