नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को ईद-उल-अजहा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर ईदगाहों और मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा की गई और लोगों ने गले मिलकर एक दूसरे को मुबारकबाद दी। इसके बाद लोगों के घरों में कुर्बानी का दौर चला। इस अवसर पर मुल्क के लिए अमन चैन की दुआ मांगी गई।
मंगलवार को कोटद्वार, दुगड्डा व लैंसडौन में मुसलिम समुदाय के लोगों ने बकरीद का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। सुबह-सुबह लोगों ने नमाज की तैयारियां शुरू कर दीं। ग्रास्टनगंज स्थित ईदगाह में सुबह नौ बजे ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद के इमाम मौलाना बदरुल इस्लाम अंसारी ने बकरीद की नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लोगों ने खुत्बा सुना। शाम को दावतों का दौर चला।
मौलाना ने बकरीद के पर्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कुर्बानी इंसान को त्याग का संदेश देती है। इस्लाम में कहा गया है कि हर आदमी को परिवार, समाज और देश के लिए कुर्बानी देने के लिए तैयार रहना चाहिए। हर मुसलमान का फर्ज बताया गया है। यह त्योहार सामाजिकता सिखाता है। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने ग्रास्टनगंज स्थित ईदगाह में जाकर मौलाना बदरूल इस्लाम सहित सभी को ईद की मुबारकबाद दी।
इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष डा. चंद्रमोहन खर्कवाल, ब्लाक प्रमुख सुरेश असवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विजय नारायण सिंह, नगर कांग्रेस अध्यक्ष संजय मित्तल, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष रंजना रावत, लक्ष्मण सिंह रावत, रविंद्र जजेड़ी, मुकेश मल्होत्रा, अंजू पुंडीर, रेनू अग्रवाल, ईश्वर चंद्र अग्रवाल, महेश नेगी, एएसपी सरिता डोबाल, एसडीएम जीआर बिनवाल व कोतवाल जेएस पुंडीर आदि मौजूद थे।