द्वारीखाल विकासखंड के 12 गांवों की आबादी की लाइफ लाइन कही जाने वाली सिलोगी-बड़ेथखाल-गूम-पोगठा किनसुर मार्ग बदहाल हो गया है। कई हादसों के बाद भी लोनिवि लैंसडौन सड़क सुधारीकरण के प्रति उदासीन बना हुआ है। लोग जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
जाखणीखाल तहसील क्षेत्र के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र के सिलोगी, बड़ेथखाल, घंडालू, गूम, हथनूड़, पोगठा व किनसुर ग्राम पंचायतों के करीब 12 गांवों को सड़क से जोड़ने के लिए शासन ने 22 किमी. सड़क स्वीकृत की थी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत इस सड़क पर तीन चरणों में कार्य किया गया। लेकिन, देखरेख के आभाव में सड़क पूरी तरह से बदहाल है। अनेक स्थानों पर पड़े गड्ढे दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। क्षेत्रीय जनता विभाग के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। ग्राम पंचायत गूम के प्रधान कुलदीप सिंह बिष्ट, मंजू देवी, रुप सिंह रावत, सतीश बिष्ट, जितेंद्र सिंह, सुबोध सिंह आदि ने सड़क सुधारीकरण की मांग की है।
यह मार्ग हाल में ही पीएमजीएसवाई से लोनिवि लैंसडौन को हस्तांतरित हुई है। इसके सुदृढ़ीकरण के लिए 2.80 करोड़ का आगणन बनाकर शासन को भेजा गया है। बजट उपलब्ध होते ही सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
-आलोक जैन, सहायक अभियंता लोनिवि लैंसडौन