पानी के टैंक में गिरे हाथी के बच्चे को रेस्क्यू कर सही सलामत पानी के टैंक से बाहर निकाल तो दिया लेकिन वह जंगल में छोड़ने से पहले ही चकमा देकर भाग निकला। अब वन कर्मी उसकी खोज में जुटे हुए हैं। बलभद्रपुर के क्षेत्र पंचायत सदस्य रविंद्र बिष्ट ने बताया कि हाथी का बच्चा रात भर बलभद्रपुर और रतनपुर के आवासीय कालोनियों में घूमता रहा।
वह लोगों की क्यारियों और आंगन में घूमता दिखाई दिया। आंगन में खड़ी कई बाइकों को भी हाथी ने गिरा दिया। बता दें कि मंगलवार तड़के एक हाथी का बच्चा जंगल से भटककर देवी रोड स्थित एक सर्विस सेंटर के पानी के टैंक में गिर गया था।
कोटद्वार एसडीओ गिरीश चंद्र बेदवाल के नेतृत्व में वन अधिकारियों और पुलिस कर्मियों ने रात के दस बजे शिशु हाथी को पानी के टैंक से निकालने की कार्रवाई शुरू की। उसके सिर पर रस्सी बांधकर ट्रैक्टर के सहारे उसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन वह बाहर नहीं आ पाया।
फिर जेसीबी मशीन से टैंक का स्लैब तोड़ा गया और हाथी की कमर पर रस्सा बांधकर उसे टैंक से बाहर निकाला गया। टैंक से बाहर आते ही उसने इधर-उधर भागना शुरू कर दिया, फिर रस्सों से बंधे हाथी पर वन कर्मियों ने किसी प्रकार काबू पाया। रेस्क्यू करने के बाद वन कर्मी उसे जंगल में छोड़ने जा रहे थे।
जंगल आने से 200 मीटर पहले ही हाथी की एक रस्सी छोड़कर बाकी खोल दी। रस्सी खुलते ही हाथी ने सड़क पर दौड़ लगा दी, और वह रतनपुर की एक संकरी गली में घुसने के बाद गायब हो गयाI
कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथी के बच्चे को ढूंढने के लिए वन कर्मियों ने बलभद्रपुर, काशीरामपुर, कौड़िया, रामपुर आदि क्षेत्रों में तलाश शुरू कर दी, लेकिन, बुधवार रात तक उसका कुछ पता नहीं चल पाया है। उसकी गर्दन में रस्सी बंधी हुई है। इससे वन कर्मियों को डर है कि कहीं यह रस्सी हाथी की जान पर भारी न पड़ जाए।