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बाबा के जागरों से गूंजा सिद्धों का डांडा

Sun, 04 Dec 2016 09:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला काोटद्वार
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बाबा - फोटो : अमर उजाला
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कोटद्वार। सिद्धबली मेले के अंतिम दिन गुरु गोरखनाथ, भगवती, नृसिंह, नागराजा और सिद्धबली के जागरों से सिद्धों का डांडा गुंजायमान हो गया। जैसे ही जागरी मदन लाल और उनके साथियों ने डौंर-थाली में जागरों की तान छेड़ी, वैसी ही कई महिला और पुरुष पश्वों पर अलग-अलग देवता प्रकट हो गए, जिससे पूरा सिद्धबली परिसर देवमय हो गया।
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सिद्धबली महोत्सव के अंतिम दिन सुबह आचार्य देवी प्रसाद भट्ट के सानिध्य में 14 वेद पाठियों ने वैदिक मंत्रोचार के साथ पिंडी महाभिषेक किया। इसके बाद एकादश कुंड में मेला संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल के अलावा मंदिर समिति के सभी पदाधिकारियों ने पूर्णाहुति डालकर भगवान श्री सिद्धबली बाबा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
इसके बाद एकादश हवन कुंड परिसर में जागरों का आयोजन किया गया। इसमें ढौटियल से पहुंचे जागरी मदनलाल, सवेंद्र कुकरेती और अनिल कुमार के जागरों की धुन और डौंर, थाली की छनकार से वहां उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए। कई पश्वों पर माता भगवती, नृसिंह, नागराजा, गुरु गोरखनाथ, हनुमान और सिद्धबाबा के रूप में देवता प्रकट हो गए।  सिद्धबली मंदिर के बाबा रामनाथ पर बाबा गुरु गोरखनाथ सिद्धबली बाबा प्रकट होकर नाचने लगे। करीब एक घंटे तक चले जागरों में पूरा परिसर देवमय बना रहा है। इस बीच कई देवता अंगारों पर नाचते और गरम करछी को चाटते देखे गए। हजारों की संख्या में लोग जागरों को देखने के लिए एकत्र हुए। प्रकट हुए देवों से आशीर्वाद लेने के लिए लोगों में मारामारी मची रही।
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बाबा को चढ़ा सवा मन रोट का प्रसाद
श्री सिद्धबली बाबा मंदिर की परंपरा के अनुसार जागरों के बाद परिसर में सवा मन का रोट बाबा राम नाथ और उनके सहयोगियों ने गरम अंगारों में तैयार किया। मंदिर के महंत दिलीप रावत ने रोट काटा और श्री सिद्धबली बाबा को भोग चढ़ाया। रोट का प्रसाद चढ़ाने के बाद उसे लोगों में वितरित किया गया।

बाबा के दर्शनों के लिए उमड़ा हजारों दर्शकों का हुजूम
श्री सिद्धबली महोत्सव के अंतिम दिन बाबा के दर्शनों के लिए कोटद्वार, भाबर, सनेह क्षेत्र, प्रदेश के विभिन्न स्थानों के अलावा उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब व राजस्थान आदि प्रांतों से श्रद्धालु पहुंचे। राष्ट्रीय राजमार्ग से सिद्धबली मंदिर प्रांगण तक मार्ग खचाखच भरा रहा। लोग मुख्य द्वार से लाइन पर लगे रहे। मंदिर के प्रबंधक शैलेश जोशी ने बताया कि सुबह पांच बजे से मंदिर में सिद्धबली बाबा के दर्शनों के लिए लोगों की लाइन लगी रही। जो कि देश शाम तक जारी रही। हजारों की तादाद में लोगों ने बाबा के दर्शन किए और मन्नतें मांगीं।
 
सैनिकों ने व्यवस्थाएं बनाने में दी अपनी सेवाएं
मंदिर में उमड़ रहे श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सेना के जवानों ने भी व्यवस्थाएं बनाईं। सूबेदार मेजर यशवंत सिंह के नेतृत्व में एमटी कैंप के 60 जवानों ने मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने में सहयोग किया।  

टी के स्टाल में मिली निशुल्क चाय
शहर के व्यवसायी चाय के होलसेलर अजय अग्रवाल की ओर से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क चाय की व्यवस्था की गई थी। तीन दिन तक लगातार हजारों श्रद्धालुओं ने चाय के स्टाल में चाय पी।

भंडारे के लिए लगी रही लंबी लाइन
मेला संयोजक उद्योगपति अनिल कंसल की ओर से तीन दिन तक रात दिन चलने वाले भंडारे में लाखों लोगों ने भंडारे का सेवन किया। शनिवार को भी भंडारा का प्रसाद लेने के लिए लंबी लाइन लगी रही। लोगों ने घंटे भर लाइन पर लग कर भंडारा लिया।   
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फोटो-
नोट: संबधित एक और फाइल भेजी जा रही है
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