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सुमित पटवाल हत्याकांड के चारों आरोपी दोषी करार, फैसला सुरक्षित

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कोटद्वार। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रतिभा तिवारी की अदालत ने वर्ष 2015 के बहुचर्चित सुमित पटवाल हत्याकांड के चारों आरोपियों को दोषसिद्ध करार दिया है। अदालत ने इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद शनिवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। कोर्ट तीन सितंबर को सजा सुनाएगी। सहायक शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 22 मार्च, 2015 को कोटद्वार के बेलाडाट चौराहे में बाइक सवार बदमाशों ने सुमित पटवाल को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी थी। 23 मार्च को मृतक की मां सतेश्वरी देवी की ओर से मानपुर निवासी दीपक रावत पर संदेह जताते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले की जांच तत्कालीन कोतवाल प्रमोद शाह ने की थी और चार दिन के भीतर 25 मार्च को हत्याकांड का खुलासा करते हुए स्थानीय युवक दीपक रावत को गिरफ्तार कर लिया था। इसके अगले दिन हत्याकांड के मास्टर माइंड सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी और भाड़े के दोनों शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में पुलिस की ओर से जांच के बाद चारों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में पेश किया गया था। चारों ने घटना करने से इंकार करते हुए विचार की याचना की।
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एडीजीसी जितेंद्र रावत ने बताया कि दोनों शूटरों से असलहों की बरामदगी और सीसीटीवी फुटेज जैसे अन्य कई साक्ष्य इस मामले में हत्यारोपियों को दोषी सिद्ध करने में मददगार बने। अभियोजन पक्ष के अनुसार हत्याकांड का असली मास्टर माइंड सतपुली के गोकुल गांव निवासी सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी था। उसने सुमित की हत्या के लिए रुड़की के दो युवकों को दो लाख रुपये की सुपारी दी थी। सूरी और मृतक सुमित के बीच जमीन के लेन-देन पर विवाद चल रहा था। इस हत्याकांड में स्थानीय युवक दीपक रावत मददगार बना था। अदालत ने इस हत्याकांड के चारों आरोपियों को आईपीसी की धारा 302 में दोषसिद्ध पाया। तीन सितंबर को उन्हें सजा सुनाई जाएगी। कोर्ट ने जमानत पर चल रहे दीपक रावत को हिरासत में ले लिया है।
रघुवंशी और शेखर हत्याकांड में भी आया है सुरेंद्र सूरी का नाम
कोटद्वार। कोतवाली पुलिस के अनुसार सुमित हत्याकांड का असली मास्टर माइंड सुरेंद्र सिंह नेगी उर्फ सूरी है। वह फूलन देवी हत्याकांड में लंबे समय तक तिहाड़ जेल में भी बंद रहा। वहां से छूटने के बाद वह दिल्ली, रुड़की, ऋषिकेश, कोटद्वार और सतपुली में सक्रिय रहा। सुमित पटवाल हत्याकांड में जमानत पर गत 12 मई को कोतवाली पुलिस ने उसे सुशील रघुवंशी हत्याकांड में गिरफ्तार किया था, तब से वह जेल में है। 13 अगस्त को कोटद्वार में केबल नेटवर्क कंट्रोल रूम में हुई दून के युवक शेखर ढौंडियाल हत्याकांड में अन्य बदमाशों के साथ उसकी भूमिका सामने आई है।
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