कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के कालागढ़ टाइगर रिजर्व वन प्रभाग (केटीआर) के प्लेन रेंज के जंगल में सोमवार दिन में फारेस्ट वाचर के बाघ के हमले में हुई मौत के बाद अलर्ट घोषित कर दिया गया है। बाघ के आदमखोर होने की आशंका में वन विभाग ने वन कर्मियों को केवल समूह में बाहर निकलने और गश्त करने की हिदायत दी है। मंगलवार को बाघ का निवाला बने फारेस्ट वाचर के शव का पोस्टमार्टम करानेेेे के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
केटीआर वन प्रभाग के उपप्रभागीय वनाधिकारी एलआर नाग ने बताया कि मृतक वाचर सोहन सिंह के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। विभाग की ओर से उसके मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल परिजनों को दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। बाघ के आदमखोर होने और हमले की आशंका के चलते केटीआर के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। मुख्यालय से ही जंगलों की गतिविधियों पर नजर रखने की हिदायद दी गई है।
उधर, लैंसडौन के विधायक दलीप रावत ने फॉरेस्ट वाचर के बाघ के हमले में मारे जाने की घटना पर दुख जताते हुए उसके परिवार के एक व्यक्ति को वन विभाग में संविदा पर नौकरी देने और अधिक से अधिक मुआवजा देने की मांग सरकार और वन विभाग से की है। विधायक ने इस मसले पर प्रमुख वन संरक्षक जयराज से फोन पर बात की। विधायक ने बाघ के आदमखोर होने की आशंका पर उस पर निगरानी रखने को कहा।