आगामी विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले अलकनंदा घाटी की राजनीति गरमाने लगी है। अलकनंदा के एक ओर पौड़ी जिले में सोमवार को कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व मंत्री डा. हरक सिंह रावत अपना दमखम दिखाएंगे। वहीं दूसरी और टिहरी जिले में कांगे्रस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय जनसंपर्क कर अपने और अपनी टीम के लिए जमीन तैयार कर रहे हैं।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद बहुगुणा और हरक पहली बार सोमवार को अपने गृह क्षेत्र श्रीनगर में आएंगे। बहुगुणा का मूल गांव बुगाणी और हरक का गांव गहड़ श्रीनगर विधानसभा के अंतर्गत आता है। हालांकि बहुगुणा कभी यहां नहीं रहे, लेकिन हरक यहां से छात्र राजनीति की शुरुआत कर यूपी विधान सभा तक पहुंचकर मंत्री बने।
दोनों नेताओं को भाजपा ने कांगे्रस मुक्त उत्तराखंड अभियान की जिम्मेदारी दी है। शायद पार्टी यह देखना चाहती है कि कांगे्रस से भाजपा में आए नेता कितनी भीड़ जुटा पाते हैं और वह अपने साथ कितनों को भाजपा में ला पाते हैं। हरक भीड़ जुटाने में माहिर माने जाते हैं, लेकिन बहुगुणा के लिए चुनौती साबित होगी। भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू के समक्ष दोनों नेताओं की परीक्षा होगी।
वहीं टिहरी में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय पूर्व कबीना मंत्री शूरवीर सजवाण को साथ लेकर चल रहे हैं। टिहरी और देवप्रयाग विधान सभा क्षेत्र में कैबिनेट मंत्री पीडीएफ नेता दिनेश धन्नै और मंत्री प्रसाद नैथानी काबिज हैं। दोनों नेता कांग्रेस से बागी होकर चुनाव लड़े थे। उपाध्याय धन्नै से और सजवाण नैथानी से चुनाव हारे थे। दोनों ही नेता यहां से फिर टिकट को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन मुख्यमंत्री हरीश रावत का धन्नै और नैथानी पर ज्यादा भरोसा देखकर वह बेचैन हैं। इसलिए वह जनता के बीच जाकर अपनी ताकत का अहसास कराना चाह रहे हैं।