रिहाई की मांग पर सात दिन से भूख हड़ताल कर रहे आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी का आंदोलन उपजिलाधिकारी की पहल पर समाप्त हो गया। 14 साल की कैद भुगत चुके कुछ कैदियों की रिहाई को आधार बनाकर जिला कारागार हरिद्वार में चार सितंबर से आजीवन कारावास की सजा काट रहे कुछ कैदी आमरण अनशन पर बैठ गए थे।
उपजिलाधिकारी पीएल शाह ने बताया कि जिला ऊधमसिंह नगर के किच्छा थाना क्षेत्र के हसनपुर (चांचर) निवासी सेवा सिंह पुत्र जगतार सिंह भारतीय दंड संहिता 302 का मुजरिम है। वर्ष 2002 के करीब से जिला कारागार हरिद्वार में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। पिछले दिनों 14 साल की सजा काट चुके कुछ कैदियों को रिहा कर दिया गया।
चूंकि सेवा सिंह और कुछ अन्य कैदियों को भी सजा काटते हुए 14 साल हो गए थे। इसी को आधार बनाते हुए चार सितंबर 2016 को सेवा सिंह और जेल में बंद कुछ और कैदी हरिद्वार जेल में ही भूख हड़ताल पर बैठ गए।
शासन के निर्देश पर सेवा सिंह को हरिद्वार जिला कारागार से जिला कारागार पौड़ी शिफ्ट कर दिया गया। शनिवार रात उपजिलाधिकारी एवं जेल सुपरिंटेंडेंट पीएल शाह ने सेवा सिंह को उसकी मांग को शासन को भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
क्या है नियम
सजा माफी के लिए अपराधी या उसके परिवार की ओर से जेलर के माध्यम से आईजी जेल को प्रार्थना-पत्र भेजा जाता है। आईजी जेल के माध्यम से प्रार्थनापत्र को शासन को भेजा जाता है। शासन में विचार-विमर्श के बाद सजा माफी या बढ़ाने पर सुनवाई होती है।