अलकनंदा में हो रहे अनियंत्रित खनन से गढ़वाल विवि का चौरास परिसर एक बार फिर खतरे की जद में है। परिसर की सुरक्षा के लिए बनाई गई दीवार के समीप मानकों की अनदेखी कर जमकर खनन किया जा रहा है।
खनन पट्टा संचालक की राजनीतिक पहुंच के चलते तहसील प्रशासन मौन बना हुआ है। कीर्तिनगर तहसील के सांकरों ग्राम पंचायत के अंतर्गत अलकनंदा नदी में रिवर ट्रेनिंग (नदी धारा मोड़ने के लिए) के नाम पर पट्टा स्वीकृत है, जिस स्थान पर खनन किया जा रहा है।
उसके ठीक सामने गढ़वाल विवि के चौरास परिसर को बचाने के लिए बनाई गई सुरक्षा दीवार है। वर्ष 2013 की आपदा में चौरास परिसर स्थित स्टेडियम व संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया था। सुरक्षा दीवार के समीप अनियंत्रित खनन से चौरास परिसर एक बार फिर खतरे की जद में आ गया है।
सांकरों के क्षेत्र पंचायत सदस्य मुकेश बर्त्वाल, रमेश बंगवाल, गौरव आदि ने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सात जनवरी को एसडीएम कीर्तिनगर से लिखित में शिकायत की है, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। बताया जा रहा है कि पट्टाधारक किसी राजनीतिक पार्टी में प्रदेश स्तर का दायित्वधारी है।
खनन संबंधी कोई शिकायत मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो स्थलीय निरीक्षण कर मामले की जांच की जाएगी। जांच में आरोप सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। --नूपुर वर्मा, एसडीएम कीर्तिनगर।