भाबरवासियों की हो रही अनदेखी, एक बार फिर सांसद, विधायक और चीफ पोस्ट मास्टर जनरल के समक्ष रखी मांग
भाबर में उप डाकघर खुलने से आसान हो जाएगी डाक सेवाएं
कण्वघाटी/किशनपुर। भाबर के दूरस्थ क्षेत्र में पिछले काफी समय उप डाकघर संचालन की लगातार मांग की जा रही है लेकिन शासन और संबंधित विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं डाक विभाग की ओर से की जा रही बैंकिंग सेवाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
पार्षद जेपी बहुखंडी, रजनीश बेबनी, मनीष नैथानी, राजेंद्र बिष्ट, विवेक शाह, सुखपाल शाह, सीता देवी का कहना है कि मालन नदी से चिल्लरखाल के बीच स्थित आठ वार्डों की करीब 40 हजार की जनसंख्या और क्षेत्र में दो औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 70 फैक्टरियां हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में सैकड़ों व्यापारिक संस्थान और कई शैक्षणिक संस्थान हैं। क्षेत्र में उप डाकघर नहीं होने से डाक सेवाओं का लाभ लेने के लिए सभी को 17 किमी दूर प्रधान डाकघर कोटद्वार की दौड़ लगानी पड़ती है।
कोटद्वार प्रधान डाकघर के बाद पदमपुर में एक उप डाकघर है। यह क्षेत्र से करीब 12 किमी दूरी पर है। लोगों का कहना है कि किशनपुर, कलालघाटी, झंडीचौड़़ या लोकमणिपुर क्षेत्र में उप डाकघर खुलने से स्थानीय लोगों को डाक सेवाओं में पत्र, स्पीड पोस्ट, पार्सल और मनीऑर्डर का लाभ तो होगा ही विभाग की बचत, सावधि जमा, सुकन्या समृद्धि, पीपीएफ, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, मासिक आय योजना आदि बैंकिंग सेवाएं भी मिलेंगी। इसके देखते हुए अब पार्षदों ने सांसद, विधायक और डाक विभाग के चीफ पोस्ट मास्टर जनरल को पत्र भेजा है।
विभाग ने छात्रों की शैक्षणिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट मेल नाम से विशेष डिस्काउंट योजना शुरू की है। इसमें स्पीड पोस्ट सेवाओं पर डाक शुल्क में 10 फीसदी की छूट मिल सकेगी।
-कुमारी निष्ठा रश्मि, छात्रा (फोटो)
छोटे व्यवसायी कम लागत में स्पीड पोस्ट, पार्सल, और 75 फीसदी तक की सब्सिडी पर निर्यात कर लाभ उठा सकते हैं। स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना आसान हो जाएगा।
-उम्मेद सिंह, उद्यमी (फोटो)
उप डाकघर खुलने से आम लोगों को सुरक्षित बचत, उच्च ब्याज दर वाली जमा योजनाएं और ग्रामीण डाक जीवन बीमा जैसी वित्तीय सेवाएं लेने में आसानी होगी। डाक सेवाओं का विकास होगा।
-बृज मोहन सिंह रावत, स्थानीय निवासी (फोटो)