नवांकुर नाट्य कार्यशाला में हिंदी नाटक ‘जश्न-ए-बचपन’ के जरिए मौजूदा शिक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल उठाएं। आयोजन डीएवी कॉलेज में हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ सेंट्रल बैंक के प्रबंधक जितेंद्र कुमार और गिरीश चंद्र डोभाल ने किया।
मनोज दुर्बी के निर्देशन में बाल कलाकारों की ओर से प्रस्तुत इस नाटक में स्कूल में एक तरफ विज्ञान की कक्षा में बच्चों को पढ़ाया जाता है कि इंसान बंदर की संतान हैं।
दूसरी तरफ हिंदी की कक्षा में जयशंकर प्रसाद कृत कामायनी की एक कविता के माध्यम से पढ़ाया जाता है कि इंसान मनु की संतान है। इसी बात को लेकर बच्चों के दो गुट बन जाते हैं।
उनमें मार-पिटाई तक की नौबत आ जाती है।
इस नाटक में बाल कलाकारों ने शहर की पेयजल, कूड़ा निस्तारण समेत कई समस्याओं को भी बारीकी से उठाया।
इस मौके पर गायक अमित सागर के गीत, छात्राओं के नृत्य को भी दर्शकों ने खूब सराहा। नाटक में पारस, शुभम शौर्य, सुहानी, अर्पित, अंशिका, लक्की तोमर, प्रियंका, सोलानी, रोहित, शंकर, दीपाली, प्रियांशी के अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। इस मौके पर यमुना राम, राज किशोर, काजल नेगी, सुरेंद्र रावत आदि थे। संचालन शिवानी बहुगुणा ने किया।