कोटद्वार। पदमपुर मोटाढांक के लोगों को 24 घंटे में केवल एक घंटा पेयजल मिल पाता है। इस समय भी यदि बिजली गुल हो जाती है तो फिर अगले दिन ही पानी खुलता है। क्षेत्रवासी पानी के लो-प्रेशर, बिजली के लो-वोल्टेज और टूटी सड़कों से परेेेशान हैं। लोगों का कहना है कि पिछले दो दशक में यहां आबादी का घनत्व तो तेजी से बढ़ा है, लेकिन सहूलियतें कुछ नहीं हैं।
नवसृजित नगर निगम के वार्ड नंबर-31 में पदमपुर मोटाढांक ग्राम पंचायत और उमरावनगर कालोनी शामिल है। पूर्व में यह वार्ड पृथक ग्राम पंचायत के रूप में अस्तित्व में था। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार वार्ड की कुल आबादी तीन हजार के पार है, जहां 1194 पुरुष और 1362 महिला मतदाता हैं। वार्ड में मालन नदी के तटीय इलाकों में सुरक्षा दीवार न होने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। वार्ड निवासी चंद्र प्रकाश नेगी, तेजपाल सिंह, मुरारी सिंह व चंद्रकला आदि का कहना है कि वार्ड के कई इलाकों में सुबह एक घंटे ही पानी छोड़ा जाता है। इस दौरान बिजली गुल होने के कारण लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ता है। लाइनों का पुनर्गठन न होने से कई इलाकों में लो-प्रेशर की समस्या बनी है। भाबर की सबसे बड़ी न्याय पंचायत होने के बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोटाढांक में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। लोगों को दस किमी दूर कोटद्वार बेस अस्पताल जाना पड़ता है। गत दो वर्षों से आपदा से जूझ रहे काश्तकारों की सिंचाई गूलों क्षतिग्रस्त हैं। आबादी में वन्यजीवों के साथ ही लावारिस पशुओं की दहशत बनी है। मालन नदी से लगे वार्ड के तटीय इलाकों में सुरक्षा दीवार न होने से जहां आवासीय भवनों को खतरा बना हुआ है, वहीं काश्तकारी भूमि का कटाव भी हो रहा है। लोगों का कहना है कि वे उसी प्रत्याशी का समर्थन करेंगे, जो उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील हो।
ये हैं पार्षद प्रत्याशी
सौरभ नौडियाल-भाजपा
रेखा रावत-कांग्रेस
तेजपाल सिंह-निर्दलीय
हर्षवर्द्धन-निर्दलीय
वार्ड नंबर 31 की भौगोलिक सीमाएं
पूरब में-घमंडपुर की सीमा।
पश्चिम में-मालन नदी।
उत्तर में-नंदपुर की सीमा।
दक्षिण में-शिवराजपुर की सीमा।
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