कोटद्वार। राजकीय प्रधानाचार्य परिषद एवं राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों की रविवार को संयुक्त बैठक हुई। इसमें विद्यालयों में रिक्त प्रधानाचार्यों के 50 फीसदी पद सीधी भर्ती प्रक्रिया में विभागीय शिक्षकों को वरीयता देने और आयु सीमा की बाध्यता को समाप्त करने की मांग की।
रविवार को यहां संगठन कार्यालय में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्यों के 80 फीसदी पद खाली होने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। पूर्व में शिथिलीकरण व्यवस्था के तहत प्रधानाचार्यों के पद पदोन्नति से भरे जाते थे, लेकिन वर्तमान में इस व्यवस्था को समाप्त करने से अधिकांश विद्यालय प्रधानाचार्य विहीन हो गए हैं। सीधी भर्ती से लंबे समय से पदोन्नति की बाट जोह रहे शिक्षकों के हितों पर कुठाराघात होगा। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया क्रियान्वित होने पर विभागीय शिक्षकों को वरीयता देने के साथ ही आयु सीमा की बाध्यता को समाप्त करने की मांग की।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश प्रवक्ता बलवीर सिंह रावत, राजकीय शिक्षक संघ के जिला मंत्री मनमोहन सिंह चौहान, बृजमोहन ममगाईं, राजेंद्र भंडारी, राजेंद्र तोमर, यशवंत बिष्ट, रमेश कुकरेती, साधो सिंह बिष्ट, दीपचंद्र बलूनी, महेंद्र नेगी, खेमकरण उनियाल व मोहन सिंह रावत आदि ने विचार रखे।