कोटद्वार। पौड़ी जिले के कोटद्वार क्षेत्र में भारी बारिश ने एक बार फिर कहर बरपा दिया है। बारिश से क्षेत्र की सभी नदियां उफान पर हैं। नदियों की पानी मलबे के साथ लोगों के घरों में घुस गया है, जिससे क्षेत्र में पांच मकान ध्वस्त हो गए हैं। आमपड़ाव में एक महिला बच्चों को सुरक्षित निकालने के बाद सामान लेने मकान में गई थी, लेकिन मकान गिर गया। जिससे महिला का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है।
शनिवार को दूसरे दिन भी बारिश नहीं थमने से नदी, नाले उफना गए हैं। पनियाली गदेरे के उफान से जौनपुर में एक झोपड़ी और सुरक्षा दीवार बह गई। आमपड़ाव में दो, शिवपुर, गिंवाईस्रोत और रमेशनगर में एक-एक मकान ध्वस्त हो गए। आमपड़ाव में पनियाली गदेरे से सटे दो मकान ढह गए। मकान के ढहने के दौरान वहां किराए पर रहने वाली महिला पूनम (32) पत्नी ओमपाल लापता हो गई। परिजनों ने महिला के मलबे में दबने या फिर बहने की आशंका जताई है। एसडीएम कमलेश मेहता ने देवीरोड स्थित पुलिया पर फंसे पेड़ को जेसीबी से हटवाकर बाढ़ का पानी आबादी में घुसने से रोका।
बारिश से बदरीनाथ मार्ग पर पहाड़ी से आए मलबे ने कार्बेट टाइगर रिजर्व के रिसेप्शन सेंटर की दीवार तोड़ दी। वहीं मलबा आने से कोटद्वार-पौड़ी हाईवे बाधित हो गया। नजीबाबाद रोड पर भी एनएच पर सुखरो पुल की जमीन दरकने से खतरनाक बन गई है। रिफ्यूजी कालोनी में सैकड़ों घरों में मलबा घुस गया है। लैंसडौन वन प्रभाग के सिगड्डी स्रोत नदी के उफान में एक गुर्जर डेरा चपेट में आ गया, जिससे गुर्जर की करीब एक दर्जन भैंसें बह गई। भाबर में सुखरो, मालन, खोह, ग्वालगढ़ और तेलीस्रोत गदेरे भी उफान पर हैं।