कोटद्वार। वन दारोगा के 33 फीसदी पदों की सीधी भर्ती का निर्णय निरस्त करने और वन आरक्षी से वन दरोगा के पद पर पदोन्नति के लिए 10 वर्ष की बाध्यता समाप्त किए जाने की मांग को लेकर वन आरक्षी, वन बीट अधिकारी संघ को धरना-प्रदर्शन जारी रहा। उन्होंने दो सूत्री मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर 27 मार्च से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी।
सोमवार को प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर क्षेत्र के तीन वन प्रभागों से जुड़े वन आरक्षी, वन बीट अधिकारी शुक्रवार को लैंसडौन वन प्रभाग के मुख्यालय में एकत्र हुए। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। संघ के अध्यक्ष महिपाल सिंह नेगी ने कहा कि लंबे समय से वन कर्मी वन दारोगा के पदों पर पदोन्नति के लिए दस वर्ष की बाध्यता को खत्म करने और वन दारोगा के पद पर सीधी भर्ती को बंद करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। इसके चलते कर्मचारियों में सरकारी के खिलाफ असंतोष है।
इस अवसर पर संघ के मंत्री धीरज सिंह, कार्बेट टाइगर रिजर्व वन प्रभाग संघ के अध्यक्ष देवचरण सिंह रावत, मंत्री त्रिलोक चंद्र तिवारी, उमेश चंद्र शाह, रविंद्र दुबे, सोहन जुयाल, यूनुस अहमद, अजेंद्र सिंह, महेश सिंह, सतेंद्र सिंह, राहुल चमोली, राजेश सिंह नेगी, पान सिंह, मनमोहन सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, कुलदीप बौंठियाल आदि मौजूद थे।
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जारी- नरेश