कोटद्वार। भाबर की लाइफ लाइन लालढांग-चिलरखाल मोटर मार्ग का काम रोकने से कोटद्वार भाबर के लोग भड़के हुए हैं। शनिवार को भाबर के सिगड्डी और झंडीचौड़ से लेकर सनेह पट्टी के लोग और विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन कर सड़क का काम जल्द शुरू करने की मांग की। इस मामले में उन्होंने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा है।
शनिवार को नगर निगम की पार्षद लीला कर्णवाल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रश्मि राणा, गीता बुड़ाकोटी, पूर्व प्रधान किरन काला, पूर्व सैनिक परिषद के अध्यक्ष जीके बड़थ्वाल, गजेंद्र मोहन धस्माना और संस्कार संस्था के अध्यक्ष सुधीर कुमार बहुगुणा की अगुवाई में कई क्षेत्रों और संगठनों से जुड़े लोगों ने कोटद्वार तहसील में प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शनकारियों ने चिलरखाल-लालढांग मार्ग का निर्माण कार्य रोकने पर आक्रोश जताया। कहा कि जिस सड़क पर ब्रिटिशकाल से लेकर 80 के दशक तक यातायात चलता रहा। आजाद भारत और पृथक उत्तराखंड राज्य बनने के बाद उसका निर्माण हो रहा है, लेकिन सड़क पर वन विभाग के अड़ंगों से क्षेत्रवासी गुस्से में हैं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कोटद्वार आकर इस सड़क को डबल लेन बनाने का भरोसा दिया था। सरकार बनते ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में कंडी मार्ग के निर्माण को प्राथमिकता बता चुके हैं। अब क्षेत्रीय विधायक और वन मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने सड़क निर्माण के प्रयास शुरू किए तो अब सड़क पर अड़ंगे लगाने के प्रयास ठीक नहीं है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लालढांग मार्ग पर जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे वन विभाग के आला अधिकारियों और राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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