कोटद्वार। नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में 60 के दशक में बिछाई गई अंडर साइज पाइप लाइनों का अभी तक पुनर्गठन नहीं हो पाया है। इससे गर्मी बढ़ने के साथ ही पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। स्थिति यह है कि कई कालोनियों में जहां एक ओर लो प्रेशर की समस्या बनी हुई है, वहीं कुछ इलाकों में तो लोगों को पीने के लिए पानी तक नहीं मिल पा रहा है।
नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत, शिवपुर, मानपुर, लालपुर व सिताबपुर सहित भाबर और सनेह क्षेत्र में 60 के दशक में आबादी के हिसाब से दो से तीन इंच की पाइप लाइनें बिछाई गईं। 90 के दशक के बाद क्षेत्र में आबादी का घनत्व तेजी से बढ़ा। आबादी का घनत्व बढ़ने के कारण क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण को प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2017 में भाबर और सनेह क्षेत्र के 35 ग्रामसभाओं के 73 गांवों को सम्मिलित किया, लेकिन डेढ़ साल बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। नगर निगम के मानकों के अनुसार प्रति व्यक्ति 135 लीटर प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए, लेकिन नगर निगम बनने के बाद लोगों को मानकों के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी 40 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के हिसाब से पानी मुहैया कराया जा रहा है। बीरेंद्र सिंह, सुधा देवी, जयदेव सिंह, रामरतन, वीरा देवी, उर्मिला देवी व पूजा देवी आदि ने बताया कि क्षेत्र में दो और तीन इंच पेयजल लाइन बिछाई गई थी, लेकिन पिछले दो दशकों में क्षेत्र में आबादी का घनत्व तेजी से बढ़ा है।
मेयर हेमलता नेगी ने कहा कि सीएम और शहरी विकास मंत्री से जनता को शहरी मानकों के अनुसार पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पेयजल लाइनों के पुनर्गठन, उच्च क्षमता के ट्यूबवेल और ओवर हैड टैंक बनाने की मांग की गई थी। एडीबी की ओर से क्षेत्र में सर्वे कराया जा रहा है।
एडीबी शहरी एवं नगरीय विकास परियोजना के परियोजना निदेशक चंद्रेश कुमार यादव ने कहा कि कोटद्वार नगर निगम में पेयजल और सीवर को लेकर सर्वे किया जा रहा है। सर्वे के बाद प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा जाएगा।