कोटद्वार। यूपी के बिजनौर में गंगा नदी पर बने बैराज पुल के क्षतिग्रस्त होने से गढ़वाल के यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। पुल की मरम्मत के लिए बैराज को भारी वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है। इसके चलते कोटद्वार से मेेरठ-गाजियाबाद और दिल्ली रूट की बसों को बिजनौर से गजरौला, हापुड़ होते हुए गाजियाबाद के लिए डायवर्ट कर दिया गया है। इन वाहनों को करीब 60 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। बिजनौर जिला प्रशासन और नेशनल हाईवे की मानें तो पुल की मरम्मत में कम से कम डेढ़ माह का समय लग सकता है। लंबा रूट होने के कारण बसें समय से गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रही हैं। कोटद्वार में भी यात्रियों को दिल्ली रूट के वाहनों का इंतजार करना पड़ रहा है।
बिजनौर का गंगा बैराज पुल गढ़वाल और पश्चिमी यूपी के कुछ भागों को मेरठ और दिल्ली से जोड़ता है। इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से सबसे ज्यादा दिक्कत गढ़वाल के लोगों को हो रही है। उन्हें दिल्ली, फरीदाबाद जाने के लिए वाया गजरौला और हापुड़ से सफर तय करना पड़ रहा है। उत्तराखंड परिवहन निगम के कोटद्वार डिपो ने शनिवार से ही अपनी बसें डायवर्ट रूट पर चलानी शुरू कर दी हैं। इससे दिल्ली की दूरी 60 किमी और बढ़ गई है। बिजनौर गंगा बैराज पुल से होते हुए कोटद्वार की दिल्ली से दूरी करीब 233 किमी पड़ती है, जबकि वाया गजरौला-हापुड़ यह दूरी बढ़कर करीब 291 किमी हो गई है। रोडवेज समेत निजी परिवहन कंपनियों ने भी यात्रियों से 30 से 60 रुपये अधिक किराया लेना शुरू कर दिया है। लंबा रूट होने के बाद बसों को समय भी ज्यादा लग रहा है, जिससे दिल्ली से वापसी की बसें भी कोटद्वार डिपो समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं। कोटद्वार डिपो के एआरएम टीकाराम आदित्य का कहना है कि यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली रूट की बसें बिजनौर से चांदपुर व गजरौला होते हुए चलाई जा रही हैं।
लंबे रूट से बचने को यात्रियों ने ट्रेन से किया सफर
कोटद्वार। दिल्ली जाने के लिए बसों के लंबे रूट के झमेले से बचने के लिए यात्रियों ने ट्रेन से सफर करने में भलाई समझी। रविवार को गढ़वाल एक्सप्रेस से जाने को यात्रियों ने एसी कोच में वेटिंग का भी टिकट लिया। एसी का टिकट कंफर्म नहीं होने से कई यात्रियों ने जनरल डिब्बों में ही सफर तय किया।
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