कोटद्वार। नगर निगम के विरोध में गत तीन अप्रैल से कोटद्वार तहसील में चल रहा धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन शुक्रवार को स्थगित कर दिया गया है। ग्राम प्रधान संगठन के आग्रह पर तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे बृजपाल सिंह नेगी ने एक पांच साल की बच्ची के हाथों जूस पीकर अनशन समाप्त कर दिया है। ग्राम प्रधान संगठन और नगर निगम विरोधी संघर्ष समिति ने अब कानूनी जंग लड़ने का ऐलान किया है। कहा कि समिति जहां 15 अप्रैल से गांव-गांव घूमकर लोगों को नगर निगम के विरोध में जागरूक करेगी, वहीं ग्राम प्रधान संगठन कानूनी लड़ाई लड़कर गांवों का वजूद बचाने का प्रयास करेगी।
शुक्रवार को ग्राम प्रधान संगठन के सदस्य चंद्रप्रकाश नैथानी ने धरना स्थल पर आकर नगर निगम के विरोध में चल रहे आमरण अनशन को समाप्त करने की अपील नगर निगम विरोध संघर्ष समिति के पदाधिकारियों से की। उन्होंने बताया कि नगर निगम की अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद प्रधान संघ ने एक बार फिर से हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कहा कि कोटद्वार भाबर के गांवों में नगर निगम थोपने वाली सरकार के ग्राम स्वराज अभियान का विरोध किया जाएगा। इस मौके पर पांच साल की बच्ची कु. अनुराधा डबराल के हाथों जूस पीकर तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे बृजमोहन सिंह नेगी का अनशन समाप्त कर दिया गया।
इस मौके पर समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण, गोविंद डंडरियाल, हरीश घिल्डियाल, गजेंद्र तिवारी, राजाराम अंथवाल, पीसी नवानी, योगंबर सिंह रावत, शशिप्रभा रावत, अनुसूया सेमवाल, सरिता जखमोला समेत कई ग्रामीण मौजूद थे।