कोटद्वार। जलसंस्थान पौड़ी की लापरवाही के चलते सतपुली तहसील के जजेड़ी गांव की आधी आबादी वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रही है। ग्रामीण और प्राइमरी स्कूल के बच्चे एक किलोमीटर दूर चढ़ाई में पानी ढोने को मजबूर हैं। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने विभाग को पेयजल योजना पूरी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन विभाग के अधिकारियों पर इसका असर नहीं हो रहा है।
तीन दशक पूर्व जजेड़ी गांव में पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने पटोटी गदेरे से बनी तीन किमी लंबी पेयजल योजना शुरू की थी, लेकिन विभाग के आधे-अधूरे कार्य के चलते योजना ग्रामीणों की प्यास बुझाने में नाकाम साबित हो रही है।
जजेड़ी के प्रधान भगवती प्रसाद, ग्रामीण महेशानंद जोशी, शिवप्रसाद घनसेला, बृजमोहन लखेड़ा और मस्तराम बडोला ने कहा कि तीन दशक पूर्व गांव के लिए बनी तीन किमी लंबी एकल ग्राम पेयजल योजना का निर्माण जल संस्थान ने कराया था। इस योजना के तहत ऊंचाई वाली आबादी और स्कूल तक पानी पहुंचाने पर विभाग ने काम रोक दिया, जिससे 40 परिवारों को पानी नहीं मिल पा रहा है। ऊंचाई में बसे परिवारों को पानी के लिए एक किमी दूर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने गांव में पेयजल से वंचित परिवारों के लिए अलग से पाइप लाइन बिछाने की मांग की है।
उधर, जलसंस्थान के सहायक अभियंता पीके गौतम ने बताया कि उन्हें जजेड़ी गांव में पानी की समस्या की जानकारी है। इसके लिए सोलर पंपिंग योजना के लिए जिला प्लान में प्रस्ताव भेजा गया है। बजट स्वीकृत होते ही गांव में पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
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