कोटद्वार। उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर जारी आंदोलन के तहत मंगलवार से क्रमिक उपवास शुरू कर दिया है। आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार को मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए आमरण अनशन तक जाने की चेतावनी दी।
मंगलवार को आंदोलनकारी कमला चौहान की अध्यक्षता में आयोजित धरने में क्रमिक उपवास के पहले दिन इच्छा नेगी, संगीता रावत, कल्पेश्वरी रावत, महेंद्र सिंह रावत, प्रेम सिंह विंदवाल और कमल किशोर संतवाल क्रमिक उपवास पर बैठे। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने सरकार पर आंदोलनकारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार ने देहरादून, उद्यमसिंहनगर और हरिद्वार में उत्तराखंड आंदोलन के दौरान अखबारों में छपी खबरों में नामों की कटिंग के आधार पर आंदोलनकारियों को चिह्नित किया है, लेकिन पर्वतीय जिलों में इस मानक को लागू नहीं कर रही है। इसके कारण आंदोलनकारियों में असंतोष है। चेताया कि उनकी मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलनकारी एक बार फिर से सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस अवसर पर मोर्चा महामंत्री गुलाब सिंह रावत, हरी सिंह रावत, जनार्दन प्रसाद, नवीन चमोली, नरेश बडोला, मनोज उप्पल, मनोज डबराल, राजकुमार गुप्ता, दुर्गा काला, लक्ष्मी पंवार, रामेश्वरी देवी, भूपाल सिंह रावत, शीला देवी, सुशीला वर्मा, मुकेश देवरानी, मंजू जखमोला, पार्वती अधिकारी, लीलावती देवी, सूरी देवी, मंजू जखमोला, समीम अब्बासी, नंदलाल धनकर, राजेश्वरी रावत व जेपी बलूनी आदि मौजूद थे।