कोटद्वार। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव और देश के शहीदों के सम्मान में रविवार को नगर में तिरंगा यात्रा निकाली। इस मौके पर आयोजित गोष्ठी में रिवर्स पलायन को मिशन बनाकर युवा संकल्प जैसे आंदोलन से जुड़कर पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिकी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
रविवार को आरएसएस की तिरंगा यात्रा दो भागों में निकाली। पहली यात्रा चिल्लरखाल व सिगड्डी से शुरू होकर तड़ियाल चौक में संपन्न हुई, जबकि दूसरी यात्रा सनेह, कोटड़ीढांग से शुरू होकर तड़ियाल चौक में संपन्न हुई। इसके बाद आरएसएस सेवा विभाग की ओर से तड़ियाल चौक स्थित माल में विचार गोष्ठी आयोजित की गई। बतौर मुख्य अतिथि आरएसएस के प्रांत सेवा प्रमुख पवन कुमार ने कहा कि भारत को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए तात्कालिक देशभक्ति की नहीं, बल्कि स्थायी और सतत देशभक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश भारतीय सेना के साथ है, लेकिन एक विशेष विचार के लोग राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के चलते भारतीय सेना के पराक्रम पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के 400 से अधिक गांव आज मानव विहीन हो गए हैं। उन्होंने युवाओं से गांवों को आबाद करने के लिए प्रतिवर्ष अपने गांव जाकर स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वावलंबन की संभावनाओं को खोजकर जमीनी स्तर पर कार्य करने की अपील की।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राज गौरव नौटियाल ने कहा कि शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु और चंद्रशेखर आजाद ने अपने जीवन को देश के लिए बलिदान कर दिया। उन्होंने कहा कि रिवर्स पलायन को मिशन बनाकर युवाओं को युवा संकल्प जैसे रचनात्मक आंदोलन से जुड़कर पर्वतीय क्षेत्रों की आर्थिकी को मजबूत करना होगा।
पूर्व सैनिक बीरेंद्र भारद्वाज की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में एबीवीपी जिला संयोजक आकाश रावत, गौरव जोशी, छात्रसंघ अध्यक्ष देवाशीष रावत, यशराज सिंह, हिमांशु बेबनी, आरएसएस के जिला प्रचारक पारस कुमार, पूरण नगरकोटी, जिला कार्यवाह संदीप उनियाल, पार्षद सौरव नौटियाल, जितेंद्र डोबरियाल व प्रमोद डोबरियाल आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन धनपाल सिंह रावत ने किया।
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