कोटद्वार। आठ दिसंबर, 2017 को अस्तित्व में आए कोटद्वार नगर निगम के पहले मेयर का ताज किसके सिर पर सजेगा, इसका फैसला मंगलवार देर शाम तक हो जाएगा। 40 वार्डों में विभाजित नगर निगम के 257 पार्षदों के भाग्य का फैसला भी मंगलवार शाम तक आ जाएगा। चुनाव परिणामों को लेकर प्रत्याशियों में तो बेचैनी है ही, आम जनता में चुनाव के नतीजों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। देखना यह होगा कि मतदाताओं ने इस बार के चुनाव में किसके नाम पर मोहर लगाई है।
मेयर पद के लिए इस बार भाजपा ने जहां लैंसडौन के विधायक दलीप रावत की पत्नी नीतू रावत को मैदान में उतारा, वहीं कांग्रेस ने भी पूर्व मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी की पत्नी हेमलता नेगी पर दांव खेला है। भाजपा में टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान ने टिकट न मिलने पर अपनी पत्नी विभा चौहान को मैदान में उतारकर परिवारवाद की खिलाफ खुली जंग का ऐलान किया। भाजपा से पूर्व पालिकाध्यक्ष शशि नैनवाल और पूर्व जिला पंचायत सदस्य सुधा सती ने भी पार्टी से विद्रोह कर परिवारवाद के खिलाफ मैदान में ताल ठोकी। भाजपा इस चुनाव में डैमेज कंट्रोल नहीं कर सकी। वहीं कांग्रेस में भी परिवारवाद के खिलाफ आवाज उठी, लेकिन कांग्रेस इसे कंट्रोल करने में सफल रही। दोनों राष्ट्रीय पार्टियों में पनप रहे परिवारवाद को निर्दलीयों ने चुनाव में मुख्य मुद्दा बनाकर उनकी मुश्किलें बढ़ा दी। जानकारों का तो यह भी कहना है कि कोटद्वार इस बार भी इतिहास को दोहराएगा। वर्ष 2012 के चुनाव में कोटद्वार के मतदाताओं ने भाजपा और कांग्रेस को दरकिनार करते हुए जनादेश बसपा की प्रत्याशी बनी रश्मि राणा के पक्ष में दे दिया था।
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कोटद्वार नगर निगम एक नजर में
नगर निगम का गठन- 08, दिसंबर, 2017
नगर निगम क्षेत्र के कुुल वार्ड-40
नगर निगम क्षेत्र की कुल आबादी-1,35,647
नगर निगम में कुल मतदाता-1,04, 030
शुभ रात्रि
चंद्रमोहन शुक्ला