कोटद्वार। नया साल पौड़ी जिले के पांच ब्लाकों के 128 गांवों के ग्रामीणों के लिए पेयजल की सौगात लेकर आएगा। वर्षों से पेयजल किल्लत से जूझ रहे इन गांवों की आबादी को अब दूर दराज से प्राकृतिक स्रोतों और गाड-गदेरों से पानी नहीं ढोना पड़ेगा। इस साल फरवरी-मार्च तक पौड़ी जिले की महत्वपूर्ण नैनीडांडा पंपिंग योजना और भैरवगढ़ी पंपिंग पेयजल योजना का शुभारंभ कर दिया जाएगा। इसके लिए जल निगम ने पूरी तैयारी कर ली है।
वर्ष 2012 में पौड़ी जिले के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र नैनीडांडा ब्लाक के 60 गांवों के हजारों ग्रामीणों की प्यास बुझाने के लिए सरकार ने नैनीडांडा पंपिंग योजना स्वीकृत की थी। इसके लिए 1837.56 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई थी, लेकिन बीच में बजट पर रोक लग गई जिससे योजना का 65 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ। पिछले वर्ष सरकार ने योजना के लिए पर्याप्त बजट की व्यवस्था की, अब योजना का 95 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। विद्युत कनेक्शन लगते ही नैनीडांडा ब्लाक के 60 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
दूसरी ओर वर्ष 2006 में पौड़ी जिले के द्वारीखाल, जयहरीखाल, यमकेश्वर और दुगड्डा ब्लाक के 68 गांवों में पेयजल किल्लत को देेखते हुए क्षेत्रीय जनता की मांग पर भैरवगढ़ी पंपिंग पेयजल योजना बनाई गई थी। 22 करोड़ रुपये की लागत से बनी योजना पिछले 11 सालों से बजट के अभाव में रुकी हुई थी। त्रिवेंद्र सरकार ने योजना का संज्ञान लेते हुए 2.25 करोड़ रुपये की अग्रिम किस्त जारी की और उसके बाद योजना को पूरा करने के लिए पूरा बजट उपलब्ध कराया। जिससे 265 किलोमीटर लंबी योजना का काम लगभग पूरा हो चुका है।
क्या कहते हैं अधिकारी
नैनीडांडा और भैरवगढ़ी पंपिंग पेयजल योजना का अधिकतर कार्य पूरा हो चुका है। ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। जनवरी 15 से योजनाओं की लाइन की टेस्टिंग शुरू करेगा। खामियों को पूरा करने के बाद फरवरी या मार्च के महीने में सभी गांवों को पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
सरिता गुप्ता, अधिशासी अभियंता जलनिगम कोटद्वार
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