दुगड्डा। श्री सिद्धबाबा मंदिर समिति के तत्वावधान में चल रहे सिद्धबाबा मेला महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। इस मौके पर स्थानीय और दिल्ली के कलाकारों ने समा बांधा। महोत्सव में आसपास के गांवों से खासी भीड़ उमड़ी ।
दुगड्डा में श्री सिद्धबाबा मंदिर में तीन दिवसीय मेला महोत्सव के दूसरे दिन सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ संरक्षक त्रिलोक चंद्र बंदूनी, अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, व्यवस्थापक राकेश मोहन काला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दिल्ली और स्थानीय कलाकारों ने उत्तराखंड संस्कृति के साथ ही पंजाबी और राजस्थानी लोकगीत एवं लोकनृत्य की रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। लोक कलाकार नरेंद्र शहनाई ने सरस्वती, गणेश वंदना, जितूमियां राठौर ने गढ़वाली लोकगीत ,स्याली भंपाली, राजस्थानी घूमर, पंजाबी मिक्स गीत, हिंदी गीत सत्यम, शिवम, सुंदरम, तेरा मेरा प्यार अमर रहेगा, पूजा चौहान ने आवाज सुनो पहाड़ की आदि प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमुदाय को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम में लोक कलाकार गुलशन खान, स्नेहलता, जयलता, श्रुति भट्ट, मिनी कोटनाला, आशीष केष्टवाल, अभिषेक भट्ट आदि की प्रस्तुतियों को भी खूब सराहा गया। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक श्री सिद्धबाबा मेला समिति के उपाध्यक्ष भीम चंद्र धूलिया, सचिव दीपक ध्यानी, कोषाध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, सह व्यवस्थापक अतुल कुमार, सदस्य शम्मी चड्ढा, सलाहकार जागेश्वर जोशी आदि मौजूद रहे। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन दिल्ली केे कलाकार नरेंद्र रौथाण ने किया।
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जारी
जगमोहन रावत