कोटद्वार। राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालपुल के पास मंदिर का पुनर्निर्माण और डीएफओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हिंदू संगठनों का लगातार चौथे दिन कोटद्वार तहसील में धरना-प्रदर्शन जारी रहा। हिंदू संगठनों के समर्थन में कीर्तन मंडलियों ने धरना-स्थल पर पहुंचकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया। कहा कि हिंदुत्ववादी सरकारों में हिंदू संगठनों को अपनी मांगों के लिए धरना-प्रदर्शन करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
बृहस्पतिवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लगातार चौथे दिन तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन पर हिंदू संगठनों की अनदेखी का आरोप लगाया। बजरंग दल के जिला संयोजक लक्ष्मण सिंह बिष्ट ने कहा कि मंदिर को ध्वस्त करना हिंदुओं का अपमान है। कहा कि राज्य में वन विभाग की भूमि के अंदर दूसरे धर्मों के भी धर्मस्थल बने हैं, लेकिन मंदिर को तोड़ना कहां का धर्म है। आंदोलन समिति के संयोजक संजय थपलियाल ने कहा कि बहुसंख्यक हिंदुओं के राज्य और देश में हिंदू आस्था और प्रतीकों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी जरूरी है। कहा कि पुलिस और प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में मंदिर के वजूद को स्वीकारा गया है। अब वन विभाग को चाहिए कि वह जल्द मंदिर का निर्माण कराए।
बृहस्पतिवार को ध्रुवपुर गांव की कीर्तन मंडली में तहसील पहुंचकर आंदोलन को समर्थन देते हुए प्रदर्शन किया। धरने में विहिप के जिलाध्यक्ष संदीप डबराल, नगर संयोजक अमित शर्मा, राहुल अग्रवाल, दुर्गेंश ममगाईं, साजन कुमार, दुगड्डा बजरंग दल सह संयोजक रामप्रकाश कौशिक, अमित डबराल, संजय डबराल, नकुल प्रजापति, दीवान प्रजापति, मनोज भंडारी, संजय गोदियाल, संदीप पयाल, बीना देवी, पीतांबरी देवी, शकुंतला देवी और दीपक बजरंगी आदि मौजूद थे।