कोटद्वार। राजकीय महाविद्यालय में शिक्षा विभाग (सीटीई) की ओर से आयोजित कार्यशाला में सेवा पूर्व अध्यापकों के लिए सतत एवं व्यापक मूल्यांकन विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं के लिए शिक्षा के आधुनिक आयामों पर व्याख्यान दिए गए।
मंगलवार को महाविद्यालय के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का बतौर मुख्य अतिथि गढ़वाल विश्व विद्यालय के शिक्षा संकाय के पूर्व डीन प्रो. केबी बुधोरी और प्राचार्य डा. एसएल भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि प्रो. बुधोरी ने मूल्यांकन की वृहद अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए राधाकृष्ण आयोग, कोठारी आयोग, 1986 की राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 1992 के प्रोगाम ऑफ एजुकेशन की सतत एवं व्यापक मूल्यांकन संबंधी सिफारिशों की जानकारी दी।
सीटीई समन्वयक डा. एके जयसवाल ने सतत एवं व्यापक मूल्यांकन संबंधी पॉलिसी डाक्यूमेंटरी को रेखांकित किया। उन्होंने एनसीईआरटी नई दिल्ली के परीक्षा प्रणाली में सुधार संबंधी राष्ट्रीय फोकस समूह के आधार पत्र की सिफारिशों को प्रस्तुत किया।
तकनीकी सत्र में प्रो. केबी बुधोरी, डा. अखिलेश राय ने विषय विशेषज्ञ के रूप में व्याख्यान दिया। डा. दया किशन जोशी, डा. अखिलेश मान ने मूल्यांकन के अर्थ पर व्याख्यान दिया। डा. एके जयसवाल और डा. रश्मि बहुखंडी ने रिसोर्स पर्सन के रूप में अपनी बात रखी। बीएड विभागाध्यक्ष डा. डीएम शर्मा ने सभी अतिथियों का आभार जताया।
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जारी- नरेश