कोटद्वार। काशीरामपुर की रमेश नगर निवासी हार्ट पेशेंट पिंकी देवी की उपचार के दौरान हुई मौत पर राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेसियों ने इस मामले को आयुष्मान गोल्डन कार्ड से जोड़ते हुए महिला की मौत के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि आयुष्मान कार्ड बना होने के बावजूद पीड़िता को इसका लाभ नहीं मिल सका है। देर से शुरू हुए उपचार के कारण महिला को जान गंवानी पड़ी।
नगर निगम के पार्षद विपिन डोबरियाल, राकेश बिष्ट, गिंदीलाल, कुलदीप काम्बोज, कविता मित्तल, बीना नेगी, मीनाक्षी नेगी, नईम अहमद, अनिल नेगी और महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रंजना रावत ने हृदयरोग से पीड़ित पिंकी देवी की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने पिंकी की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आयुष्मान कार्ड बने होने के बावजूद उसे देहरादून के बड़े अस्पतालों ने निराशा हाथ लगी। इस प्रकरण में जब कोटद्वार में धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया तो एसडीएम के माध्यम से उसे श्रम कार्ड के जरिए उपचार मिल सका, लेकिन देर से मिले इलाज ने उसकी जान ले ली।
उधर, वन मंत्री के प्रेस सचिव सुधीर बहुगुणा ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर वन एवं पर्यावरण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने पिंकी देवी को कोटद्वार से हायर सेंटर भिजवाने की व्यवस्था कर उपचार शुरू कराया। उन्होंने कहा कि इस मामले में आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं होनी चाहिए। वन मंत्री द्वारा आयुष्मान कार्ड से उपचार न मिलने का मामला सदन में भी उठाया गया था, जिसके बाद कई खामियों में सुधार हुआ।