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पोखरी, घयालगांव और प्रावि पोखरी में गहराया पेयजल संकट

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यमकेश्वर। ब्लॉक के ग्राम पोखरी, घयालगांव और प्राथमिक विद्यालय पोखरी में एक माह से पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीण डेढ़ किमी दूर हैंडपंप से पानी ला रहे थे, लेकिन मंगलवार को हैंडपंप भी खराब हो गया है, जिससे लोगों की मुसीबत और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने हैंडपंप को ठीक कराने और पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है।
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वर्ष 1984-85 में नौगांव के प्राकृतिक जलस्रोत से पोखरी, पोखरी डांडा और घयालगांव के लिए एकल पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। पेयजल योजना से जनवरी तक पेयजल की आपूर्ति सुचारु रूप से होती है, लेकिन उसके बाद नदी के जलस्तर में कमी होने से फरवरी से पेयजल की समस्या शुरू हो जाती है। जल संस्थान द्वारा टैंकरों से ग्रामीणों को पीने का पानी सप्लाई किया जाता है। लोगों ने बताया कि गत फरवरी से नौगांव पेयजल लाइन पर पोखरी डांडा तक तो पानी आ रहा है, लेकिन उससे आगे पोखरी गांव ओर प्राथमिक विद्यालय में पानी नहीं आ रहा है। पेयजल आपूर्ति नहीं होने से ग्रामीण डेढ़ किमी दूर हैंडपंप से पीने का पानी ढो रहे थे, लेकिन मंगलवार को हैंडपंप भी खराब हो गया। इससे 50 से अधिक परिवारों के साथ ही प्राथमिक विद्यालय के 35 बच्चों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण नरेंद्र सिंह बिष्ट, बलदेव सिंह, हिमांशी, प्रेम सिंह, उर्मिला देवी, कविता देवी, मनोहर सिंह बिष्ट, बबीता व आरती आदि का कहना है कि पेयजल लाइन के बाद अब हैंडपंप खराब होने से पालतू जानवरों को भी पानी पिलाना दूभर हो गया है।
जल संस्थान कोटद्वार के जेई रतन सिंह रावत ने कहा कि पोखरी गांव में लगा हैंडपंप मंगलवार को खराब हो गया था। उसको ठीक करने के लिए मैकेनिक भेज दिया है। जल्दी ही हैंडपंप ठीक करा लिया जाएगा। पोखरी पेयजल योजना के स्रोत पर मार्च में पानी कम हो जाता है, जिससे पोखरी डांडा तक ही पेयजल की आपूर्ति हो रही है। अप्रैल से इन गांवों में टैंकरों से पीने का पानी सप्लाई किया जाएगा।
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