कोटद्वार। खोह नदी में जेसीबी और पोकलेन मशीनों द्वारा किए जा रहे अंधाधुंध खनन के खिलाफ काशीरामपुर के ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। लोगों ने कहा कि सुखरौ और खोह से कहीं अधिक चैनलाइजेशन की जरूरत ग्वालगढ़ और पनियाली गदेरों में हैं, जहां गत वर्ष आई आपदा ने तबाही मचाई थी।
मंगलवार को काशीरामपुर तल्ला के ग्रामीण रैली निकालते हुए कोटद्वार तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने सरकार और शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। ग्राम प्रधान सुनीता देवी, बीडीसी सदस्य कुलवंत सिंह रावत और पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सूरज प्रसाद कांति व अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन पर खनन माफिया के दबाव में कार्य करने का आरोप लगाया। कहा कि खनन माफिया के इशारे पर खनन के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कहा कि खननकारियों ने जेसीबी और पोकलेन से खोह नदी में कहीं तीन तो कहीं छह मीटर तक गहरे गड्ढे कर दिए हैं। ये बरसात में आपदा का कारण बनेंगे।
धरना-प्रदर्शन में सुमित शर्मा, शशिकांत, राजेश नौटियाल, तेजू बिष्ट, रेखा देवी, लक्ष्मी रावत, हेमलता, इंदू देवी, सरिता रावत, रीना चौहान व गोदा देवी आदि मौजूद थे।
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