कोटद्वार। हाईकोर्ट से नगर निगम की अधिसूचना खारिज होने के बाद अब नगर निगम संघर्ष समिति ने नगर निगम के विरोध में आंदोलन तेज कर दिया है। इसके तहत 12 मार्च को देवी मंदिर से जुलूस और तहसील में प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
शनिवार को देवी मंदिर स्थित कार्यालय में आयोजित बैठक में नगर निगम के विरोध में जुलूस-प्रदर्शन करने पर चर्चा की गई। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डा. शक्तिशैल कपरवाण ने कहा कि न्यायाधीश ने कई बार सरकार के महाधिवक्ता से नगर निगम को बिना जनसुनवाई के कैसे बनाया गया, पंचायती राज को महत्व क्यों नहीं दिया जा रहा है, क्या नगर निगम बनने के बाद गांव वासियों को केंद्रीय सरकार की विभिन्न योजनाओं से मिलने वाली सहायता अनुदान मिलेगा, जैसे सवाल किए थे। सरकारी अधिवक्ता के पास इनका जवाब नहीं था। उन्होंने सरकार से हाईकोर्ट की न्यायिक भावनाओं का सम्मान करते हुए कोटद्वार नगर निगम का निर्णय वापस लेने का शपथपत्र हाईकोर्ट में जमा करने की मांग की।
बैठक में प्रवेंद्र सिंह रावत, विजय ध्यानी, हरीश घिल्डियाल, गोविंद डंडरियाल, प्रवेश चंद्र नवानी, गजेंद्र तिवारी, कांति सिंह, राजाराम अंथवाल, राकेश खुगसाल, धमेंद्र रावत, स्वयंबर भट्ट व चंद्रमोहन नेगी ने भी विचार रखे।