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कोटद्वार रेंज में हथिनी का शव मिलने से वन विभाग में मचा हडकंप

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किशनपुर/कालागढ़। लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज में एक हथिनी का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मचा है। हथिनी की मौत आपसी संघर्ष में बताई जा रही है। हथिनी के शरीर पर गहरा घाव है, जो उसकी मौत की वजह बताया जा रहा है। उधर, कालागढ़ क्षेत्र के सोना नदी रेंज से हाथी के एक बच्चे का शव मिला है।
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बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों की सूचना के बाद लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के अंतर्गत सिगड्डी कक्ष संख्या 17 (बी) में वन कर्मियों ने एक हथिनी का शव बरामद किया। शव मिलने की सूचना मिलते ही वन क्षेत्राधिकारी एसपी कंडवाल मौके पर पहुंचे। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मृत हथिनी की उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच है। हथिनी के शरीर के पिछले हिस्से में गहरा घाव है, जो हाथी के दांत का निशान है। पशु चिकित्सक डा. बीएम गुप्ता और डा. आलोक खंडूडी ने मृत हथिनी का पोस्टमार्टम किया है। इसके बाद हथिनी के शव को दफना दिया गया है। डा. बीएम गुप्ता और डा. आलोक खंडूडी ने बताया कि हथिनी का घाव करीब 20 दिन पुराना है। गहरा घाव होने से ही हथिनी की मौत हुई है।

इलाज न मिलने से हुई मौत
सिगड्डी क्षेत्र में हथिनी पिछले कई दिनों से घूम रही थी। वन विभाग के कर्मचारियों को हथिनी के शरीर में घाव होने की जानकारी नहीं थी। इसके चलते हथिनी का इलाज नहीं हो सका और घाव में संक्रमण फैलने से उसकी मौत हो गई।
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उधर, कालागढ़ क्षेत्र के सोना नदी रेंज से हाथी के एक बच्चे का शव मिला है। हाथी के बच्चे की उम्र करीब डेढ़ साल है। मृत हाथी के शरीर पर कई जगहों पर तेंदुए के पंजों के निशान हैं। एसडीओ कालागढ़ एलआर नाग के मुताबिक वीरवार को सोना नदी रेंज में हाथी के बच्चे का शव मिलने की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। शव करीब तीन दिन पुराना था। शव में कई जगह तेंदुए के पंजों के निशान थे। एसडीओ के मुताबिक शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे दफना दिया गया है।
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