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गाड़ीघाट मालगोदाम तिराहे पर चिपका विवादित पर्चा, क्षेत्र में तनाव

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कोटद्वार। गाड़ीघाट मालगोदाम तिराहे पर एक बार फिर से अराजक तत्वों ने कोटद्वार के सांप्रदायिक माहौल को खराब करने की साजिश रचने का प्रयास किया, लेकिन समय रहते पुलिस ने मामले पर नियंत्रण कर लिया। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने और धमकी देने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
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रविवार सुबह करीब छह बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले कुछ लोगों ने मालगोदाम तिराहे पर एक दुकान के बाहर हाथ से लिखा हुआ एक विवादित पर्चा लगा देखा। पर्चे में इस्लाम जिंदाबाद और पाकिस्तान जिंदाबाद सहित आपत्तिजनक बातें लिखी हुई थीं। पर्चे में एक स्थानीय युवक का नंबर और उसका नाम भी लिखा था। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कोतवाल उत्तम सिंह जिमिवाल मामले की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले दुकान से पर्चा हटाते हुए उसे कब्जे में ले लिया और तिराहे पर पुलिस बल तैनात कर दिया। पर्चे वाली खबर देेखते ही देखते पूरे कोटद्वार में फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। खबर मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने किसी प्रकार भीड़ को वहां से हटाया और मामला शांत कराया।
इस बीच, पर्चे पर नाम लिखे युवक के घर पर भी पुलिस तैनात कर दी गई। युवक ने बताया कि सवा छह बजे वह सो रहा था। तभी उसके फोन की घंटी बजी और फोन पर बात करने वाले ने उसके साथ सीधे गाली गलौच शुरू कर दी। इसके बाद एक और फोन कॉल पर उसके साथ गाली गलौच और मारने की धमकी दी गई। उसने फोन नंबर सहित इसकी सूचना पुलिस को दे दी है।
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इस बीच, हिंदू संगठनों ने तत्काल पर्चा चिपकाने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री हरेंद्र सिंह और बजरंग दल के जिला संयोजक दुर्गेश ममगाईं की ओर से मामले में कोतवाली पुलिस को तहरीर देते हुए आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की गई।
उधर, सीओ जेआर जोशी ने बताया कि मामले में अज्ञात के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को भड़काने और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।

इंसेट
इससे पहले भी हो चुके हैं माहौल खराब करने के प्रयास
कोटद्वार का गाड़ीघाट-लकड़ी पड़ाव क्षेत्र सांप्रदायिक के मामले में पहले से ही संवेदनशील रहा है। 29 सितंबर 2015 में इसी क्षेत्र में मारपीट की घटना ने सांप्रदायिक रूप ले लिया था। इसी क्षेत्र से जुड़े लकड़ी पड़ाव में 27 जुलाई 2016 को मस्जिद में मांस रखने का मामला हुआ था। सात सितंबर को इसी तिराहे के पास प्रजापति मंदिर में मांस मिला था।
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