कोटद्वार। द्वारीखाल ब्लाक कठूड़ गांव में अवैध रूप से काटे गए खैर के 55 पेड़ों के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर 14 दिन की पुलिस रिमांड पर पौड़ी जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए वन विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
लैंसडौन वन प्रभाग के लैंसडौन रेंज के अंतर्गत कठूड़ गांव में वन तस्करों ने बिना अनुमति के खैर के 55 हरे पेड़ कटवा डाले थे। सूचना मिलने पर हरकत में आए वन विभाग ने बृहस्पतिवार को गांव में छापा मारकर मौके पर काटी गई 200 क्विंटल खैर की लकड़ी और कटान में इस्तेमाल हथियारों समेत तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था।
लैंसडौन रेंज अधिकारी पूनम कैंथोला ने बताया कि बृहस्पतिवार को खैर की लकड़ी काटने के मामले में पकड़े गए तीनों आरोपी ओडल गांव निवासी मुंशी लक्ष्मण सिंह उर्फ मुन्ना, यूपी के बिजनौर जिले के साहनपुर गांव निवासी समीम, हिमाचल प्रदेश निवासी मनोज को न्यायालय में पेश किया गया। जहां न्यायालय ने आरोपियों की जमानत को नामंजूर करते हुए उन्हें 14 दिन की पुलिस रिमांड पर पौड़ी जेल भेजने के आदेश दिए। न्यायालय के आदेश पर तीनों आरोपियों को पौड़ी जेल भेज दिया गया है।
उधर, वन विभाग द्वारा मुख्य आरोपी बताए जा रहे आनंद थपलियाल ने वन विभाग पर उन्हें मामले में जबरन फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व भी यमकेश्वर के दयावाला में काटे गए 78 पेड़ के मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग द्वारा अपने बचाव के लिए काश्तकारों और उनके खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कर दिए गए।