कोटद्वार/किशनपुर। शुक्रवार तड़के से दोपहर तक हुई मूसलाधार बारिश से क्षेत्र की नदियां उफान पर रहीं। पदमपुर मोटाढांक में मालन नदी की बाढ़ से जहां एक गोशाला बह गई, वहीं दो आवासीय भवनों पर खतरा मंडराने लगा है। कई बीघा जमीन मालन नदी की बाढ़ ने लील ली। बारिश से कई घरों में करंट दौड़ने से लोगों में अफरातफरी मच गई। बाढ़ का पानी घमंडपुर और मवाकोट के कई घरों में घुस गया। तेलीस्रोत में आई बाढ़ से शीतलपुर गांव से लगी सुरक्षा दीवार और खेती की जमीन बह गई। नदी के उफनाने से रामदयालपुर में तेलीस्रोत रपटे पर कई घंटे यातायात बाधित रहा।
शुक्रवार तड़के से शुरू हुई मूसलाधार बारिश का सिलसिला दोपहर तक जारी रहा। मूसलाधार बारिश से क्षेत्र की प्रमुख नदियां खोह, सुखरो, कोल्हू, मालन, पनियाली, ग्वालगढ़ और तेलीस्रोत उफान पर रहे। पदमपुर मोटाढांक की प्रधान रेखा रावत और राम सिंह रावत ने बताया कि मालन नदी में आई बाढ़ में पदमपुर मोटाढांक निवासी मुरारीलाल की गोशाला बह गई। मुरारीलाल और घनश्याम के आवासीय मकान को खतरा उत्पन्न हो गया है। नंदपुर से लेकर पदमपुर तक कई बीघा भूमि भी बाढ़ की चपेट में आ गई। पूर्व प्रधान तेजपाल पटवाल ने बताया कि बारिश से कई घरों में करंट दौड़ने लगा, जिससे अफरातफरी मच गई। घमंडपुर में सड़क में जलभराव होने पर उपजिलाधिकारी के निर्देश पर जेसीबी भेजी गई। जैसे ही जेसीबी ने जलभराव को रोकने के लिए चैनलाइज का काम शुरू किया, वैसे ही ग्रामीण भड़क उठे। आरोप है कि ग्रामीणों ने नगर निगम कर्मियों के साथ अभद्रता की। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत करवाया और नाली खुलवाकर बरसाती पानी की निकासी की व्यवस्था की।
मवाकोट में जगदेव मंदिर के आसपास के कई घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। नंदपुर की पूर्व प्रधान और श्रम बोर्ड की सदस्य शशिबाला केष्टवाल के अनुरोध पर उपजिलाधिकारी कमलेश मेहता ने मौका-मुआयना किया। उन्होंने ग्रामीणों को नदी के पानी का बहाव नदी की ओर करने का आश्वासन दिया। उफनते तेलीस्रोत में शीतलपुर गांव से लगी कई मीटर सुरक्षा दीवार बह गई।
ग्राम प्रधान वीरेंद्र पाल, उप प्रधान पूजा देवी, यशपाल सिंह, गोविंद सिंह, खेम सिंह, हरपाल सिंह, रेखा रानी, संतोषी सिंह, रश्मि सिंह, गीता देवी, स्वाति देवी ने बताया कि भारी बारिश के चलते तेलीस्रोत सुबह चार बजे से उफान पर रही। उफनाते स्रोत का पानी शीतलपुर के ग्रामीणों के घरों तक पहुंचने पर ग्रामीणों के होश उड़ गए और वे घबराकर अपने-अपने घरों से बाहर आ गए। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाई है। ग्रामीण वीरेंद्र केष्टवाल, विमल प्रसाद शुक्ला, गजेंद्र सिंह, दिनेश कोटनाला, कमलेश केष्टवाल का कहना है की रामदयालपुर के निकट तेलीस्रोत में भारी उफान के कारण वाहनों का आवगमन करीब तीन घंटे तक ठप रहा, जिससे सिडकुल में कार्यरत कर्मचारी और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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