कोटद्वार। जयहरीखाल ब्लाक के बद्री खुबानी गांव के एक पेंशनर हरिप्रसाद खंतवाल ने सरकारी मशीनरी को आइना दिखाते हुए आठ माह से बंद पड़ी अपने गांव की सड़क को खुद के पैसों से खुलवा दिया है। पिछली बरसात में आए मलबे के कारण सड़क बंद होने से लोग पैदल आवाजाही करने के लिए मजबूर थे। वाहनों का संचालन न होने के कारण कई बुजुर्ग गांव नहीं पहुंच पा रहे थे।
जयहरीखाल ब्लाक के बद्री खुबानी गांव के 10 और खुबानी गांव के 40 परिवारों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए वर्ष 2016 में शासन ने ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना के तहत विधायक निधि से पीपलचौंरा-वीणीखुबानी-खुबानी मार्ग से गांव तक एक किमी संपर्क मार्ग निर्माण को स्वीकृति प्रदान की। इसके बाद वर्ष 2018 में मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य किया गया। पिछली बरसात में रथुवाड और यात्री शेड के समीप मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया था। इससे ग्रामीण गत आठ माह से गांव तक पैदल ही आवाजाही कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग से मलबा हटवाने और यातायात बहाल करवाने के लिए क्षेत्रीय विधायक को लिखित और मौखिक रूप में कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यातायात बहाल होने से लोगों में खुशी है। लोगों ने इस नेक कार्य के लिए हरिप्रसाद खंतवाल की सराहना की है।
हरिप्रसाद खंतवाल ने अपनी पेंशन से सड़क पर पड़ा मलबा हटवाया और गांव के पंचायत घर तक सड़क की सफाई करवाकर यातायात बहाल करवाया। इसमें उनके करीब 50 हजार रुपये खर्च हुए हैं। सड़क खुलते ही गांव पहुंचे सुरेशानंद खंतवाल, जगदीश प्रसाद खंतवाल, रमेश चंद्र खंतवाल, भाष्करानंद खंतवाल, प्रकाश खंतवाल समेत सभी लोगों ने मिठाई बांटी और खुशी मनाई।