कोटद्वार। दो फीसदी वेतन वृद्धि से भड़के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मियों और अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी प्रदर्शन कर केंद्र सरकार और आईबीए के खिलाफ नारेबाजी की। लगातार दूसरे दिन भी बैंकों में ताले पड़ने से ग्राहकों को परेशान होना पड़ा। दूरदराज से अपनी पेंशन, जमा और ऋण खातों के संचालन के लिए आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। बैंकों की दो दिन की हड़ताल से कोटद्वार क्षेत्र में 40 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ।
बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के नेतृत्व में सभी सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी कोटद्वार स्थित भारतीय स्टेट बैंक के सामने एकत्रित हुए। यहां उन्होंने केंद्र सरकार और इंडियन बैंक एसोसिएशन (आईबीए) के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस मौके पर आयोजित सभा में उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला मंत्री बीरेंद्र सिंह रावत और यूएफबीयू के नगर संयोजक डीपीएस बिष्ट ने बड़े लोन डिफाल्टर एवं उद्योगपतियों के नाम सार्वजनिक न किए जाने की आलोचना की।
प्रदर्शन में हरजीत सिंह, रमेश नेगी, एसके राय, रितु उनियाल, एकता सेठी, केएल गुप्ता, अनिल कुमार सिंघल, अरविंद कुमार, पंकज कुमार, डीएस असवाल, आरपीएस चौधरी, व्योम क्षेत्री, रेखा कुकरेती, ऋचा रावत, सतीश केष्टवाल, एनएस भंडारी और ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के अध्यक्ष जेपी बहुखंडी आदि शामिल रहे।
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