किशनपुर (कोटद्वार)। भाबर के गंदरियाखाल स्थित तेलीस्रोत में खनन डंपर की चपेट में आकर श्रमिक के छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत पर ग्रामीणों ने मौके पर जमकर हंगामा काटा। उन्होंने खनन में लगे डंपरों और ट्रैक्टरों के ओवरलोडिंग पर रोक लगाने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए कोटद्वार भेज दिया। डंपर को कलालघाटी चौकी में लाकर सीज कर दिया गया है। डंपर चालक घटना के बाद से ही फरार है।
सोमवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे तेलीस्रोत बरसाती गदेरे में आवंटित खनन पट्टे में श्रमिक खनन चुगान कार्य में व्यस्त थे। इस बीच गदेरे में खड़े एक डंपर के आसपास खनन श्रमिकों के बच्चे खेल रहे थे। तभी डंपर चालक आया और वाहन स्टार्ट करके बैक करने लगा। ट्रक के पीछे की ओर आते ही बदायूं, उत्तर प्रदेश निवासी खनन श्रमिक हेमराज का छह वर्षीय बच्चा ओगेंद्र पिछले टायर की चपेट में आ गया। बच्चे का सिर टायर के नीचे कुचल गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बच्चे की मौत पर श्रमिकों और आसपास के ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। मौका पाते ही डंपर चालक घटनास्थल से फरार हो गया। बच्चे की मौत की सूचना पाते ही कोटद्वार कोतवाली प्रभारी उत्तम सिंह जिमिवाल, एसएसआई राकेंद्र सिंह कठैत मय पुलिस फोर्स के घटनास्थल पर पहुंचे और शव के साथ ही ट्रक को कब्जे में ले लिया। मौके पर पहुंचे पूर्व प्रधान जगदीश मेहरा, एलडी जोशी, खेम सिंह, सुनीता देवी, मोहन सिंह व देवेंद्र सिंह ने पुलिस से ओवर लोडेड डंपरों और ट्रैक्टरों से क्षेत्र में दुर्घटना होने का अंदेशा बताते हुए रोक लगाने की मांग की है।
तीन दिन पहले सुखरौ नदी में एक खनन श्रमिक की हुई थी मौत
कोटद्वार। खनन चुगान के लिए खुली कोटद्वार क्षेत्र की नदियों में ट्रक और डंपर यहां काम करने वाले श्रमिकों और उनके बच्चों के लिए मौत बन रहे हैं। गत 25 मई को सुखरौ नदी में खनन के ट्रक ने एक श्रमिक सतपाल की जान ले चुका है।
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