कोटद्वार। नगर निगम के विरोध में संघर्ष समिति का असहयोग आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। ग्रामीणों ने देवी मंदिर स्थित सुखरौ पटवारी चौकी में धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रदेश सरकार पर क्षेत्रीय जनता के साथ छलावा करने का आरोप लगाया। चेताया कि यदि शीघ्र नगर निगम का शासनादेश वापस नहीं लिया तो सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मंगलवार को समिति अध्यक्ष डॉ. शक्तिशैल कपरवाण के नेतृत्व में ग्रामीण देवी मंदिर पटवारी चौकी में एकत्र हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर मोर्चा उपाध्यक्ष चंद्रप्रकाश नैथानी ने मुख्यमंत्री पर क्षेत्रीय जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया। कहा कि सीएम ने 27 नवंबर को हुई वार्ता में नगर निगम बनाने से पहले कोटद्वार-भाबर की 73 ग्राम पंचायतों में जनसुनवाई कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन सरकार ने लोगों के साथ छलावा कर गैरकानूनी तरीके से नगर निगम की घोषणा कर दी, जिसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उपाध्यक्ष प्रवेंद्र रावत ने सरकार पर भू-माफिया को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया। कहा कि सरकार द्वारा भू माफियाओं के दबाव में नगर निगम का बनाया गया है। सरकार के पास जिला बनाने के लिए बजट नहीं है, ऐसे में नगर निगम के लिए बजट कहां से आ रहा है। मात्र गरीब असहायों, अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को हड़पने की योजना नगर निगम के आड़ में बनाई जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति विजय ध्यानी, पूजा त्यागी, कुसुम यादव, रीता देवी, प्यारी देवी, माला देवी, गजेंद्र तिवारी, दिलशाद, पीसी नवानी, नरेंद्र सैनी, चंद्रमोहन सिंह नेेगी, कांति सिंह आदि भी मौजूद थे।
- फोटो-