कोटद्वार। काशीरामपुर मल्ला के ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर आपदा पीड़ितों की राहत राशि बढ़ाने की मांग की है। कहा कि आपदा को डेढ़ माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन शासन प्रशासन मात्र 3800 रुपये के चेक थमाकर भूल गया है। यह राहत राशि ऊंट के मुंह में जीरे के समान हैं। आपदा में ग्रामीणों का सब कुछ तबाह हो गया है।
बुधवार को काशीरामपुर मल्ला के आपदा पीड़ितों वीरेंद्र सिंह, नरेंद्र कुमार, संजू ,यामीन, वीरेंद्र कुमार, मलखान सिंह, सुनील कुमार, दिनेश कुमार, सुशील ने तहसीलदार सीएस रावत को ज्ञापन सौंपकर राहत राशि बढ़ाने की मांग की है। कहा कि गत तीन और चार अगस्त की रात कोटद्वार में बादल फटने से भारी तबाही मची थी। लोगों के घर मलबे से पट गए थे। खेत और खलिहान तबाह हो गए थे। डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी आपदा पीड़ितों के नुकसान की भरपाई नहीं की गई। ऐसे में काशीरामपुर मल्ला के आपदा पीड़ितों में रोष बना हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि 3800 रुपये के चेक देकर प्रशासन ने आपदा पीड़ितों का मजाक उड़ाया है। इससे तो घरों में घुसा मलबा भी नहीं हट सका है। आपदा में जर्जर हो चुके घरों की हालत दयनीय बनी है। आपदा के समय आए मंत्रियों ने वायदा किया था कि 3800 रुपये की धनराशि को राहत राशि की पहली किश्त माना जाए, इसके बाद भी नुकसान की भरपाई के लिए पैसा दिया जाएगा, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हुआ है।